रुद्रपुर। सिडकुल की सेक्टर-2 में स्थित इंटरार्क फैक्टरी का उत्पादन ठप होने से प्रबंधन ने गेट पर तालाबंदी कर दी है। कंपनी में तालाबंदी और नोटिस चस्पा देख 500 कर्मचारियों ने कंपनी के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इधर, कलक्ट्रेट परिसर स्थित उपश्रमायुक्त कार्यालय में कंपनी प्रबंधन और कर्चमारी पक्ष की दो बार वार्ताएं विफल होने के बाद सहायक श्रमायुक्त ने दोबारा सोमवार को बैठक बुलाई है।
इंटरार्क मजदूर संघ के बैनर तले नौ सूत्री मांगों को लेकर कर्मचारी वर्ष 2021 अगस्त से आंदोलन कर रहे हैं। संघ के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि 32 कर्मचारियों की कार्य बहाली, ठेकेदारी प्रथा बंद करने, बोनस और एलटी का भुगतान नहीं होने आदि के चलते कर्मचारी वर्ग वर्ष 2021 अगस्त से आंदोलन में उतरा है। कहा कि उपश्रमायुक्त कार्यालय में भी कई बार वार्ता होने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी मामला हल नहीं कर पाए हैं।
इधर, इंटरार्क कंपनी के एचआर हेड व एडमिन बीवी श्रीधर ने कहा कि अक्तूबर से कर्मचारियों ने उत्पादन कम कर दिया था। इससे कंपनी को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। एक तरफ कंपनी पर माल देर से देने पर ग्राहकों की ओर से पेनाल्टी लगाई जा रही है, तो दूसरी ओर उत्पादन ठप होने के कारण भी कंपनी दोहरी मार झेल रही है। कहा कि कोई समाधान नहीं निकलने पर कंपनी प्रबंधन को तालाबंदी का फैसला लेना पड़ा है।
कहा कि पहले कंपनी में 15 टन प्रति दिन तो अब सिर्फ दो टन प्रति दिन का उत्पादन रह गया था। वहां विरेंद्र कुमार, सौरभ कुमार, नकुल कुमार, पंकज शर्मा, उदय सिंह, प्रमोद वर्मा, ललित मोहन, उमेश यादव आदि थे।
बुधवार को दो बार वार्ताएं कराने के बावजूद दोनों पक्षों के बीच मामला हल नहीं हो पा रहा है। होली पर्व को देखते हुए अब सोमवार को दोबारा कंपनी प्रबंधन व कर्मचारियों की वार्ता रखी है।
-अरविंद सैनी ,सहायक श्रमायुक्त।