रुद्रपुर विकास भवन में परियोजना निदेशक को समस्या बताता ग्रामीण।
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ग्रामीणों को आशियाना बनाने का सपना दिखाकर पैसा लेकर गांवों में फर्जी फार्म भराए जा रहे हैं। आवास नहीं मिलने पर ग्रामीण विकास भवन कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि फार्म फर्जी हैं।
केंद्र सरकार की ओर से आवासहीन लोगों के लिए चलाई जा रही पीएम ग्रामीण आवास योजना में बीते वर्ष भी काशीपुर में फर्जीवाड़ा किया गया था। ग्राम्य विकास विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक उस दौरान दिल्ली से कुछ ठगों ने ग्रामीणों को अपना शिकार बनाया। हर व्यक्ति से तीन से चार हजार रुपये लेकर ठग दिल्ली फरार हो गए थे। इस वर्ष भी रुद्रपुर के कई गांवों में ठग लोगों को शिकार बना रहे हैं।
कुछ दिन पहले ऐसा ही एक मामला विकास भवन में पहुंचा। एक ग्रामीण ने ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक से फार्म भरने के बावजूद आवास नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर ग्रामीण का जब फार्म देखा गया तो वह पूरा फर्जी निकला। तत्कालीन परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी ने ग्रामीण को समझाया कि सरकार की ओर से चलाई जा रही आवास योजना में रुपये नहीं लिए जाते हैं। इसके साथ ही सर्वे होने के बाद ही प्रधानों के माध्यम से फार्म भरे जाते हैं। बगैर प्रधान के माध्यम से भराए गए फार्म फर्जी हैं।
आवास बनाने के लिए 2087 लाभार्थियों के खाते में भेजी राशि
रुद्रपुर। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत जिले में चिह्नित किए गए 2179 लाभार्थियों में 2087 लाभार्थियों के खातों में पहली किश्त भेज दी गई है। पहली किश्त के रूप में प्रत्येक लाभार्थी के खाते में 60 हजार रुपये की राशि भेजी गई है। शेष 92 लाभार्थियों के खातों में राशि भेजने की प्रक्रिया जारी है। संवाद
नौ ग्रामीणों ने मकान भी कर दिए खड़े
रुद्रपुर। योजना में आवेदन करने वाले सितारगंज के नौ ग्रामीणों ने पहली किश्त मिलते ही मकान भी खड़े कर दिए हैं। दरअसल, ग्रामीणों को मकान बनाने के लिए सरकार की ओर से एक लाख 30 हजार रुपये की ही राशि दी जाती है। इसके चलते ग्रामीणों ने अपनी जमापूंजी इकट्ठा कर मकान भी खड़ा कर दिया है। संवाद