उत्तराखंड विद्युत अधिकारी और कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की हड़ताल के आह्वान को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के 66 बिजली सब स्टेशन और लोहियाहेड पावर प्लांट के संचालन के साथ ही कानून व्यवस्था के मद्देनजर सुरक्षा की तैयारी कर ली है। बिजलीघरों के संचालन की जिम्मेदारी डीपीओ, डीपीआरओ, डीएसटीओ सहित अन्य अधिकारियों को सौंपी गई है।
मंगलवार को जिले के बिजलीघरों के संचालन के लिए तीन चरणों में अधिकारियों की तैनाती की गई है। पहले चरण में दो सुपरजोन में बांटे गए आठ विकासखंडों के लिए एडीएम डॉ. ललित नारायण मिश्र और जयभारत सिंह को सुपर जोनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी दी गई है। संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम को जोनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा सब स्टेशनों के लिए जिला उद्यान अधिकारी, तहसीलदार, जिला अर्थ एवं एवं सांख्यिकी अधिकारी (डीएसटीओ), जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ), जिला युवा कल्याण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ), सहायक निदेशक डेयरी, खंड विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार, चकबंदी अधिकारी सेक्टर मजिस्ट्रेट के रुप में तैनात किए गए हैं।
नलकूप, पीडब्लूडी, उरेडा, जल संस्थान और सिंचाई विभाग के इंजीनियर, सहायक इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को सब स्टेशनों की तकनीकी जिम्मेेदारी दी गई है। वहीं बिजली सप्लाई सुचारू बनाने के लिए ऊर्जा निगम में विभिन्न कार्यों को करने वाले ठेका फर्मों और उनके कर्मियों को लगाया गया है।
डीएम रंजना राजगुरू ने बताया कि जिले में बिजली व्यवस्था बाधित न हो इसके लिए संबंधित मजिस्ट्रेटों और स्टेशन प्रभारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा उरेडा और सिडकुल के चार अधिकारियों को आरक्षित रखा गया है। बिजली सब स्टेशनों की समुचित सुरक्षा, कार्यालयों और फील्ड में तैनात कार्मिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात रहेगी। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि यूपीसीएल के 55, यूजेवीएनल के 11 बिजलीघरों और लोहियाहेड पावर प्लांट की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं लोग
रुद्रपुर। डीएम रंजना राजगुरू ने बताया कि ऊर्जा निगम कर्मियों की संभावित हड़ताल की आशंका को देखते हुए जनता की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 1912 जारी किया गया है। इसके साथ ही जिला आपदा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका नंबर 05944-250250 है। इन नंबरों पर लोग अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं, ताकि उनका तत्काल निस्तारण किया जा सके। कहा कि शासन ने ऊर्जा के तीनो निगमों पर एस्मा लगाकर हड़ताल प्रतिबंधित की है। एस्मा का उल्लंघन करने और हड़ताल में अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनपदवासियों से सहयोग की अपील की है। (संवाद)
14 सूत्री मांगों को लेकर ऊर्जा निगम कर्मियों ने निकाला कैंडल मार्च
रुद्रपुर। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर 14 सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार देर शाम ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने कैंडल मार्च निकाला। कर्मचारियों ने कहा कि देहरादून में उच्चाधिकारियों के साथ वार्ता चल रही है, अगर विफल हुई तो बुधवार सुबह आठ बजे से हड़ताल शुरू हो जाएगी। पुरानी पेंशन योजना का लाभ, ऊर्जा के तीनों निगमों में निजीकरण की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर व लेखा संवर्ग में कार्मिकों की नियुक्त, तीनों निगमों के एकीकरण, लाइनलास कम करने के लिए संसाधन जुटाने, कर्मचारियों की नई भर्ती करने, वेतन विसंगतियां दूर करना समेत 14 सूत्री मांगों को लेकर कर्मचारियों ने शांतिपूर्वक कैंडिल मार्च निकाला। कर्मचारियों ने कैंडल मार्च अधीक्षण अभियंता कार्यालय के मुख्य गेट से निकलकर नैनीताल रोड होते हुए दूसरे गेट से अंदर प्रवेश कर समाप्त किया। वहां ऊर्जा कामगार संगठन के प्रमुख महामंत्री एमएन उप्रेती, उमाकांत चतुर्वदी, प्रदीप बिष्ट, अंशुल मदान, राकेश कुमार, अनूप त्रिपाठी, प्रेम भट्ट, मोहन घई, संजय कुमार आदि थे। (संवाद)