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सीएम धामी के जलभराव के समाधान के निर्देश के बाद भी ग्रामीणों को नही मिली जलभराव से निजात

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खटीमा के सिसैया बंधा में जलभराव से डूबी फसल। - फोटो : KHATIMA
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शारदा सागर डैम के ऊपरी हिस्से में वर्षों से काबिज ग्रामीणों को जलभराव से निजात नहीं मिल पा रही है। सिसैया बंधा में बसे ग्रामीणों की डूब की स्थिति का मामला सीएम दरबार तक पहुंच चुका है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के यहां दौरे के दौरान लिए गए संज्ञान में सीएम ने यूपी कैनाल के अधिकारियों से वार्ता कर समाधान के निर्देश दिए थे।
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उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड सीमा के बीच लगभग 22 किलोमीटर लंबे शारदा सागर डैम के ऊपरी हिस्से में सिसैया बंधा के लगभग तीन सौ परिवार 60 साल पूर्व से यहां काबिज हैं। उत्तर प्रदेश कैनाल विभाग के अपनी जरूरत के अनुसार इस डैम में पानी भरने से सिसैया बंधा, झाऊपरसा, बलुआ खैरानी में दो से चार फीट पानी भर जाता है। पिछले दो सप्ताह से अधिक समय बीतने एवं लगातार ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी जल स्तर नहीं घटा है।
लोगों की घर गृहस्थी तबाही के कगार पर है। इसके साथ ही यहां बोया गया गन्ना आदि फसल भी बर्बादी की स्थिति में है। प्रदेश कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष भुवन कापड़ी के यहां किए गए दौरे के बाद हरकत में आया शासन-प्रशासन उचित कार्रवाई के नाम पर राशन किट बांटने तक ही सीमित रहा। जबकि जलभराव की स्थिति अभी बरकरार है।
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- शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि उन्हें वर्षो से आश्वासन देते आ रहे हैं लेकिन जलभराव से निजात का स्थायी समाधान नहीं मिलता। बंधावासियों की अन्यत्र व्यवस्था कर यहां से हटा दिया जाए। कमलेश बंधा वासी।
- हमेशा परेशानी होने के बजाय उनका अन्यत्र व्यवस्था कर दी जाए। उनकी याद सरकार या उनके नुुमाइंदों को केवल मतदान के समय आती है। रमावती बंधा वासी।
- पिछले 60 वर्षों से वे लोग ग्राम प्रधान, एमएलए तथा एमपी का चुनाव करते आ रहे हैं लेकिन उनका स्थायी समाधान नहीं हो सका। इस बार उनके यहां का सीएम है। उन्हें भरोसा है कि उनकी कोई स्थायी व्यवस्था हो सकेगी। प्रभु कुमार बंधा निवासी।
- वर्तमान में प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी है। बंधा वासियों को अपने सीएम से पूरी उम्मीद है कि जो काम पिछले 60 वर्षों से नहीं हो सका अब हो सकता है। यूपी कैनाल विभाग अतिक्रमणकारी मानकर उन्हें हटाना चाहती है। यही कारण है कि वह शारदा सागर में पानी भरने के बहाने उन्हें जलमग्न करता रहता है। शिवनाथ बंधा वासी।
- शारदा सागर डैम प्रशासन सिसैया बंधा में निर्माण कार्य नहीं होने देता है। हालांकि पहले यहां आंगनबाड़ी केंद्र, सीसी मार्ग, मंदिर, शौचालय, इंदिरा आवास का निर्माण हो चुका है। लेकिन वर्तमान में सीसी निर्माण पर उन्हें यूपी कैनाल विभाग नोटिस जारी करता है। बलुआ खैरानी, बंधा में अभी पूर्ववत ही सागर का पानी भरा है। संत लाल, ग्राम प्रधान सिसैया।
- जलभराव से निजात के लिए यूपी कैनाल विभाग के अधिकारियों से वार्ता हो चुकी है। वह डैम के भरे पानी की निकासी से पूर्व निकास मार्गों को चौड़ा करने का काम कर रहे हैं। यह कार्य पूरा होने पर ही डैम के निकास मार्ग खोलने की बात हुई है। फिलहाल बंधे का जल स्तर कुछ घट रहा है। प्रमोद जोशी, ओएसडी सीएम।
शारदा सागर डैम में जलभराव से अब तक जान लोग गवां चुके जान
खटीमा। यूपी एवं उत्तराखंड की सीमा पर बने शारदा सागर डैम में अधिक पानी भरने से चार लोगों की जानें जा चुकी है। जबकि गांव के लालू को मगरमच्छ के मुंह से खींचकर लोगों ने बचा लिया। इसमें लालू को अपनी एक टांग गवानी पड़ी।
झऊपरसा निवासी सुभाष की मृत्यु नाव पलटने से सागर में डूबकर हो गई थी। वह बंधे से नाव से अपने घर झऊपरसा जा रहा था। जितेंद्र के पांच वर्षीय पुत्र राजवीर, उप प्रधान हरेंदर प्रसाद की नातिन तीन वर्षीय बीना की मृत्यु घर के आसपास भरे पानी में डूबने से हुई। कमलेश की सात वर्षीय पुत्री की मृत्यु पानी से निकले सांप के काटने से हुई। बंधा वासी जलभराव में घरेलू सामान, फसल आदि के साथ ही जानमाल की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। संवाद

खटीमा में सिसैया बंधा में जलभराव में डूबी गन्ने की फसल।- फोटो : KHATIMA

खटीमा के सिसैया बंधा में जलभराव से क्षतिग्रस्त हुआ मार्ग।- फोटो : KHATIMA

खटीमा के शारदा सागर डैम के ऊपरी हिस्से में जलभराव में डूबे मकान।- फोटो : KHATIMA

संत लाल, ग्राम प्रधान सिसैया।- फोटो : KHATIMA

शिवनाथ।- फोटो : KHATIMA

प्रभु कुमार।- फोटो : KHATIMA

रमावती।- फोटो : KHATIMA

कमलेश।- फोटो : KHATIMA

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