खटीमा में तहसील परिसर में धरना देतीं छात्राएं।
- फोटो : KHATIMA
नंदा गौरा योजना के तहत वर्ष 2017 में इंटर पास होने वाली छात्राओं के लिए सरकार की ओर से पांच हजार रुपये की धनराशि देने की घोषणा से आक्रोशित छात्राओं ने सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए बाल विकास विभाग एवं सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया।
छात्राओं ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2019 से इंटर पास छात्राओं को नंदा गौरा योजना के अंतर्गत 51 हजार रुपये की धनराशि उनके बैंक खाते में आवंटित की जा रही है। एक सप्ताह पूर्व राज्य सरकार ने वर्ष 2017 में इंटर पास छात्राओं को प्रथम किस्त के रुप में पांच हजार रुपये, स्नातक पूर्ण करने पर दस हजार व बालिका के विवाह के समय सोलह हजार रुपये दिए जाने की घोषणा की।
इसकी अंतिम तिथि सात दिसंबर है। मंगलवार को आवेदन पत्र जमा करने बाल विकास कार्यालय पहुंची तो छात्राओं ने सरकार की ओर से 2017 में इंटर पास करने वाली छात्राओं को दिए जाने वाली पांच हजार रुपये की धनराशि का विरोध कर सरकार पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। इसके बाद छात्राएं एसडीएम कार्यालय पहुंची। उन्होंने सरकार एवं बाल विकास विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर धरना दिया।
छात्राओं ने एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर वर्ष 2017 में इंटर पास हुई छात्राओं को भी 51 हजार रुपये की धनराशि देने की मांग की। वहां पुष्पा कुमारी, कंचन वर्मा, शिवानी राय, नीमा मुरारी, राधिका, नीतू राय, प्रियंका, रेनू, गीता, शिवानी आदि थे। इधर कांग्रेस नगर अध्यक्ष रवीश भटनागर, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पंकज टम्टा ने छात्राओं के साथ तहसीलदार यूसुफ अली का घेराव कर वर्ष 2017 में इंटर पास छात्राओं को नंदा गौरा योजना का लाभ देने की मांग की।