श्रम आयुक्त से ग्रेच्युटि का चेक लेते शिक्षक।
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पांच साल तक चली लंबी सुनवाई के बाद एक निजी स्कूल के दो शिक्षकों ने ग्रेच्युटी का अधिकार प्राप्त कर लिया है। श्रमायुक्त के आदेश पर स्कूल प्रबंधन ने दोनों शिक्षकों को ब्याज समेत ग्रेच्युटी का भुगतान कर दिया है।
जसपुरखुर्द निवासी अमित मिश्रा कुंडेश्वरी रोड स्थित एक प्रतिष्ठित स्कूल में डीजीटी मैथ के टीचर रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2016 में स्कूल से त्यागपत्र दे दिया था। वहीं संगीत के शिक्षक संदीप भट्ट ने छह साल अध्यापन कार्य के बाद वर्ष 2014 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। स्कूल छोड़ने के बाद प्रबंधन ने दोनों को ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया। इस संबंध में ग्रेच्युटी अनुतोषक अधिनियम-1972 के तहत आवेदन किया।
इस पर स्कूल प्रबंधक को नोटिस जारी किए गए। मामले की सुनवाई कर उप श्रमायुक्त (एएलसी), रुद्रपुर ने दोनों शिक्षकों को ग्रेच्युटी पाने का अधिकारी मानते हुए उन्हें दस फीसद ब्याज की दर से भुगतान करने केे आदेश दिए। स्कूल प्रबंधन ने इस फैसले को श्रम आयुक्त संजय कुमार की कोर्ट में चुनौती दी। शिक्षकों की ओर से अधिवक्ता कर्तव्य मिश्रा ने पक्ष रखा। सुनवाई के बाद श्रमायुक्त ने दोनों शिक्षकों के ग्रेच्युटी के अधिकार पर मुहर लगा दी। इसके बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से ग्रेच्युटी राशि का भुगतान मय ब्याज कर दिया गया।