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मांगों को लेकर आशाओं ने निकाली चेतावनी रैली

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बाजपुर में चेतावनी रैली निकालती आशाएं। - फोटो : BAZPUR
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रुद्रपुर/गदरपुर। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के बैनर तले कार्य बहिष्कार के 20 दिन पूरे होने पर आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी रैली निकाली। उन्होंने कहा कि यदि मासिक वेतन सहित अन्य मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज करते हुए मंत्रियों का घेराव किया जाएगा। असंगठित कामगार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सीपी शर्मा ने रैली में पहुंचकर समर्थन दिया।
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शनिवार को आशा कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल से चेेतावनी रैली निकाली। एनएच 87 होते हुए आशाएं नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट गेट पर पहुंचीं और एसडीएम विशाल मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि आशाओं के आंदोलन के दबाव में आकर सरकार की ओर से मासिक प्रोत्साहन राशि को बढ़ाने का प्रस्ताव किया जा रहा है लेकिन प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के लिए उनको मासिक वेतन दिया जाए। सरकार प्रोत्साहन राशि कभी भी बंद कर सकती है। सरकार प्रोत्साहन राशि दे या वेतन, सरकार के खजाने से तो उतना ही पैसा निर्गत होगा। प्रोत्साहन राशि के स्थान पर मासिक वेतन तय होने से आशाओं में आर्थिक सुरक्षा की भावना आएगी। मासिक वेतन से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। यदि सरकार ने मांगों को अनसुना किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। वहां जिलाध्यक्ष ममता पानू, सचिव कुलविंदर कौर, प्रिया कश्यप, कल्पना मिस्त्री, सोनिया ढाली, प्रेमा थापा, मीनाक्षी जुनेजा, भगवती विश्वास, आशा चक्रवर्ती आदि थे।
गदरपुर में सीएचसी से शुरू होकर रैली मुख्य बाजार, गूलरभोज रोड होते हुए स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। आशा यूनियन की अध्यक्ष माया देवी ने मांगे मानने तक बेमियादी कार्य बहिष्कार जारी रखने की बात कही। आशाओं का शिष्टमंडल गूलरभोज में कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय के कैंप कार्यालय पहुंचा था। लेकिन मंत्री के मौजूद न होने पर उन्होंने निजी सचिव नरेश शाह को ज्ञापन सौंपा। वहां पर प्रेमलता कश्यप, लक्ष्मी देवी, नीलम रानी, मीनाक्षी अरोड़ा, कृष्णावती, राधारानी, आशा देवी, कंचन सहित अनेक मौजूद रहे।

सितारगंज में चेतावनी रैली निकालतीं आशा वर्कर।- फोटो : SITARGANJ

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