नानकमत्ता। ध्यानपुर में 65 वर्षीय जगीर सिंह की हत्या में नामजद तथा पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गये ग्राम प्रधान समर सिंह उनके भाई बलविंदर सिंहए सुंदर सिंह उर्फ मदारी, द्वारका प्रसाद, धर्मेंद्र सिंह तथा लखविंदर सिंह एसओजी तथा पुलिस की निष्पक्ष जांच मे निर्दोष साबित हुए। पुलिस ने जब उनको छोड़ा तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट तथा थानाध्यक्ष के सी आर्य का आभार प्रकट किया।
खुले आंगन में वृद्ध को सुलाने के कारण पुलिस की शक की सुई घूमी परिजनों पर
नानकमत्ता। पक्का घर होने के बावजूद ठंड तथा ओस गिरने के दिनों में जगीर सिंह को खुले आंगन में मच्छरदानी लगाकर सुलाने के कारण पुलिस की शक की सुई षड़यंत्र के तहत हत्या करने के कारणों की ओर घूम गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पहुंची तो मृतक की पुत्रवधू रजविंदर कौर तथा उसकी बहन लविंदर कौर अपने घर के चैनल का ताला खोल पुलिस को नामजद लोगों का नाम लेते हुए बताया कि उन्होंने गोली चलाई है। पुलिस जब आरोपियों के घर पहुंची तो वे घर के अंदर सो रहे थे, जिससे पुलिस का शक यकीन में बदल गया।
लविंदर के मोबाइल ने खोला हत्या का राज
नानकमत्ता। हत्याकांड के खुलासे में लगी एसओजी ने मृतक के परिजनों के मोबाइल का डाटा खंगाला तो हत्याकांड का राज खुला। हत्याकांड वाले दिन शाम तीन बजे लविन्दर कौर ने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था। लविंदर कौर ने रजविंदर के मोबाइल से शूटर जसवंत सिंह से बात की थी, जिसे पुलिस ने ट्रेस कर लिया। पुलिस ने जब जसवंत को पकड़ा तो जसवंत ने हत्याकांड का पूरा सच पुलिस को बता दिया।
24 घंटे के अंदर खुलासा करने पर एसओजी तथा पुलिस को किया सम्मानित
नानकमत्ता जगीर हत्याकांड का मुकदमा दर्ज होने के 24 घंटे के अंदर एसओजी तथा पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच कर खुलासा करने पर क्षेत्रवासियों ने एसओजी तथा पुलिस के कार्यों की प्रशंसा की। पूर्वांचल संस्कृति सेवा समिति ने एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, तथा थानाध्यक्ष केसी आर्य को अंगवस्त्र तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। वहां समिति के संरक्षक राजेंद्र तिवारी, अध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी, उपाध्यक्ष केश्वर चौरसिया, महामंत्री संजय सुमन मिश्रा, कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश चौरसिया, प्रकाश कुमार आदि थे।