आपदा में रामपुर गांव, रामबाड़ा में फंसे गुजरात के तीन यात्रियों को चॉपर से बचाने के नाम पर पचास हजार रुपये की ठगी करने वाले युवक को पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने उससे ठगी में ली रकम भी बरामद कर ली।
सूरत, गुजरात के कपड़ा व्यापारी जितेंद्र गांधी को 29 जून को एक युवक का कॉल आया कि उसके परिजन रामबाड़ा से सात किलोमीटर आगे रामपुर गांव में फंसे हैं। युवक ने बताया कि वह प्रति व्यक्ति पचास हजार रुपये लेकर चॉपर से लोगों को बचाने का कार्य कर रहा है।
जितेंद्र ने युवक को पचास हजार रुपये अग्रिम भुगतान कर दिए। शेष एक लाख रुपये काम होने पर दिया जाना तय हुआ। पचास हजार रुपये देते वक्त जितेंद्र के पारिवारिक मित्र प्रेमलाल वोहरा ने युवक का चुपके से एमएमएस बना लिया।
वही उसके पकड़े जाने का आधार बना। युवक ने उन्हें बताया कि चॉपर उनके परिजनों को लेकर पतंजलि पदार्थ हेलीपैड लक्सर रोड हरिद्वार पर लैंड करेगा। लेकिन रुपये देने के 12 घंटे बाद ही युवक का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
ठगे जाने का आभास होते ही जितेंद्र और वोहरा एसएसपी से मिले और मुकदमा दर्ज हुआ। एसएसपी के निर्देश पर थाना डालनवाला के इंस्पेक्टर चंदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एसओजी और एसआईएस की टीम लगाई गई। पुलिस ने एमएमएस के आधार पर ठगी करने वाले युवक को मंगलवार को ओल्ड डालनवाला स्थित एमडीडीए कालोनी स्थित उसके घर से दबोच लिया।
बहुत शातिर है ठग
उसकी पहचान मोहम्मद कासिफ पुत्र दिलशाद अहमद के रूप में हुई। उसके पास से ठगे गए रुपये भी बरामद हो गए। पूछताछ में उसने बताया कि उसका इंटीरियर डिजाइनिंग का काम है। रायपुर बाजार में उसकी दुकान है।
जितेंद्र ने बताया कि देहरादून पुलिस से जब हमने ठगी होने की शिकायत की तो उनकी तरफ से तुरंत कार्रवाई हुई। उन्होंने हमारा बहुत साथ दिया है। इसलिए हमने निर्णय लिया है कि बरामद हुए पचास हजार रुपये पुलिस विभाग को पुरस्कार स्वरूप दे दिए जाएं।
जानता है इलाके का भूगोल
रिश्तेदारों को खोए परिजनों की भावनाओं से खेलने वाला ठग शातिर दिमाग का है। कुछ माह पूर्व उसके ठेकेदार चाचा को गुप्तकाशी में हेलीपैड बनाने का ठेका मिला। चाचा का हाथ बंटाने के लिए वह भी कई बार गुप्तकाशी गया।
इस दौरान वह इलाके के भूगोल से भलीभांति परिचित हो गया। इसी का फायदा उसने आपदा के बाद उठाया। वह 27 जून को सहस्त्रधारा हेलीपैड गया और लापता लोगों के परिजनों की ओर से लगाए गए फोटो के नीचे लिखे नंबरों से गुजरात के गांधी परिवार का नंबर ले आया। उसके बाद उसने गांधी परिवार से ठगी की।
एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि कासिफ की बातों की सत्यता जांचने के लिए गांधी और उनके पारिवारिक मित्र प्रेमलाल वोहरा ने कई सवाल पूछे। गांधी ने कासिफ से पूछा कि उनकी एक बेटी का पांव फ्रेक्चर है।
इस पर कासिफ ने साफ इनकार कर दिया। बाद में पकड़ में आए कासिफ से जब पुलिस ने पूछा कि कैसे उसने सही जवाब दिया तो उसने कहा कि यह कॉमनसेंस की बात है कि कोई फ्रेक्चर पांव लिए कैसे 14 किमी का ट्रैक कर लेगा। ऐसे ही कॉमनसेंस से उसने अन्य सवालों का सही जवाब दिया।
ठगी की बात सुन मां को पड़ा अटैक
पोतों के जीवित होने की खबर सुन जितेंद्र गांधी की बीमार मां बिस्तर से उठकर खुशी के मारे रो पड़ी। उन्होंने भगवान को धन्यवाद दिया और फोन करने वाले युवक को ढेरों आशीर्वाद। लेकिन जब उन्हें बताया गया कि फोन करने वाला ठग निकला तो उन्हें दु:ख से अटैक पड़ गया। उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।