श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध राजकीय महाविद्यालयों और स्ववित्त पोषित कॉलेजों में एनसीसी में प्रवेश लेने के लिए छात्र-छात्राओं को अभी लंबा इंतजार करना होगा। वर्तमान में सिर्फ विवि के ऋषिकेश और गोपेश्वर कैंपस में ही एनसीसी संचालित हो रहा है। विवि से संबद्ध 52 राजकीय महाविद्यालयों में कही भी एनसीसी की यूनिट नहीं है। विवि प्रशासन की ओर से सीटें आवंटित करने के लिए एनसीसी निदेशालय को पत्र भेजा गया है।
बादशाहीथौल में श्रीदेव सुमन विवि 2012 में अस्तित्व में आ गया था। गढ़वाल मंडल के सभी 52 राजकीय महाविद्यालयों के अलावा 132 स्ववित्तपोषित कॉलेज श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध हैं, लेकिन संबद्ध कॉलेजों में एनसीसी शुरू करने के मामले में विवि प्रशासन एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। एनसीसी प्रमाणपत्र धारक छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं और भारतीय सेना में भर्ती होने पर वेटेज अंक मिलते हैं। पर्वतीय क्षेत्र के अधिकांश युवाओं का रुझान सेना में भर्ती होने का रहता है लेकिन विवि से संबद्ध कॉलेजों में एनसीसी न होने का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। छात्रों की मांग पर विवि प्रशासन की ओर से संबद्ध सभी कॉलेजों से सीटों का प्रस्ताव मांगा था। विवि के कुलसचिव प्रो. मोहन सिंह पंवार ने बताया कि एनसीसी में सीटें आवंटित करने के लिए एनसीसी निदेशालय को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही सीटें आवंटित हो जाएंगी। यदि आगामी दिसंबर माह तक भी निदेशालय से सीटों की स्वीकृति मिलती है तो इसी सत्र में कॉलेजों में एनसीसी शुरू कर दी जाएगी। विवि स्तर पर इसी सत्र से एनसीसी शुरू करने के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं। इंतजार सिर्फ निदेशालय से पत्र मिलने का है।