आमसेरा के ग्रामीणों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया
नई टिहरी। पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड (पिटकुल) ने आमसेरा में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए 220 केवी का हाईटेंशन विद्युत टावर हेंवल नदी किनारे खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों ने कहा कि ग्राम पंचायत की एनओसी लिए बगैर नदी किनारे लगाया गया हाईटेंशन टावर ग्रामीणों के लिए कभी भी खतरा बन सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से स्थलीय निरीक्षण कर वहां से टावर हटाने की मांग की है।
चंबा-ऋषिकेश हाईवे पर ऑल वेदर रोड कटिंग के दौरान आमसेरा में एक हाईटेंशन टावर की बुनियाद खोखली हो गई थी। खतरे को देखते हुए पिटकुल ने वहां से टावर शिफ्ट कर आमसेरा के नीचे लगा दिया। ग्राम पंचायत थान-आमसेरा के प्रधान कुलवीर सिंह चौहान ने बताया कि हाईटेंशन विद्युत टावर लगाने से पहले ग्राम पंचायत की एनओसी नहीं ली गई है।
पिटकुल ने सुरक्षा मानकों को दरकिनार करते हुए विद्युत टावर हेंवल नदी पर खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि बरसात में हर साल नदी का जलस्तर काफी बढ़ जाता है जिससे भविष्य में वहां भी टावर की बुनियाद खोखली होना निश्चित है। आमसेरा, चौंपा और कुमाली आदि गांव की करीब 1500 की आबादी को खतरा पैदा हो सकता है। क्षेत्र के चतर सिंह, पूरण सिंह, साब सिंह, गोपाल सिंह और विजेंद्र सिंह आदि ने खतरे को देखते हुए नदी से टावर हटाने की मांग की है।
आमसेरा में शिफ्ट किए गए विद्युत टावर के लिए उपयुक्त जगह नहीं मिल पा रही थी। कई बार के सर्वे के बाद वहीं पर सही जगह पाई गई। टावर को नदी के उफान से बचाने के लिए सुरक्षा दीवार लगाई जाएगी।
-शिवचरण कुमार, सहायक अभियंता पिटकुल।
आमसेरा में शिफ्ट किए गए विद्युत टावर का मामला संज्ञान में नहीं है। समिति का गठन कर इसकी जांच की जाएगी। इस मामले में ग्रामीणों से भी उनका पक्ष जाना जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-मनीष कुमार, प्रभारी जिलाधिकारी टिहरी