चंबा-धरासू राष्ट्रीय राजमार्ग रमोलगांव के पास 43 घंटे बाद खुल गया है। हाईवे बंद होने से लोगों को वाया मैंडखाल होते हुए कंडीसौड़ पहुंचना पड़ रहा था। पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण मलबा हटाने का काम जल्द शुरू नहीं हो पाया है, जिससे बीआरओ को भूस्खलन रुकने का इंतजार करना पड़ा।
चंबा-धरासू राजमार्ग पर रमोलगांव के पास सात अप्रैल की रात करीब 10 बजे से भूस्खलन शुरू हो गया था, जो शनिवार शाम को रुक पाया। इसके बाद बीआरओ ने मलबा हटाकर शाम करीब छह बजे करीब 43 घंटे बाद हाईवे पर आवाजाही शुरू कर दी। हाईवे खुलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। सड़क बंद होने की वजह से लोगों को करीब 30 किमी अतिरिक्त सफर तय कर वाया मैंडखाल होते हुए कंडीसौड़ पहुंचना पड़ रहा था। बीआरओ के डिप्टी कमाडेंड एबी सिंह ने बताया कि मलबा हटाने के लिए राजमार्ग के दोनों ओर जेसीबी खड़ी है, लेकिन पहाड़ी से लगातार हो रहा भूस्खलन नहीं थम रहा है। जिससे मलबा हटाना मुश्किल हो गया था। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम को भूस्खलन रुकने पर हाईवे से मलबा हटाया गया, जिससे करीब छह बजे वाहनों की आवाजाही शुरू की गई।