एलटी शिक्षकों ने पदोन्नति में अनावश्यक विलंब होने पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। काउंसिलिंग के बावजूद पदोन्नति समायोजन न करने पर एलटी शिक्षकों ने विभागीय अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली पर रोष जताया। 15 अगस्त से पहले पदोन्नति नहीं होने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
रविवार को गढ़वाल मंडल के एलटी शिक्षकों की ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। कहा गया कि 30 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति के लिए 2019 में विज्ञप्ति प्रकाशित की गई थी। काउंसिलिंग भी हो चुकी है, लेकिन पदोन्नति करने में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। शासन ने सहायक अध्यापक स्नातक वेतनक्रम के 70 प्रतिशत पदों को विषयवार पहले ही सीधी भर्ती के लिए आरक्षित रखा गया है और 30 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति की जानी है। पदोन्नति शीघ्र करने की मांग को लेकर शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल जल्द शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री से मिलेगा। वार्ता के लिए संयोजक मंडल का गठन भी किया गया है, जिसमें सुजान बुटोला को मुख्य संयोजक, मंजू बहुगुणा, मीनाक्षी सिलस्वाल, मंजू नौटियाल, ताजबर सिंह नेगी, धनवीर चौहान, पंकज चंदोला, सत्यपाल सिंह रावत, विजय भारत नैनवाल को संयोजक मनोनीत किया गया है।