महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि देवभूमि को देवी की भूमि के नाम से भी पहचान दिलाने के लिए सरकार के साथ ही समाज को भी काम करने की जरूरत है।
रेखा आर्य ने कहा कि सामाजिक सोच बदलने से ही बेटियों को सम्मान अवसर, बराबरी का हक और आगे बढ़ाने को मौका मिल सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना के संक्रमण के कारण माता, पिता खो चुके बच्चों को संरक्षण देने के लिए अगस्त प्रथम सप्ताह में मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना शुरूआत की जाएगी।
शनिवार को विकास भवन सभागार में आयोजित मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरण कार्यक्रम का बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने शुभारंभ किया। उन्होंने जिले की 30 मां, बेटी को महालक्ष्मी किट वितरित की। उन्होंने कहा कि जिले में अप्रैल से जून तक जन्मी 741 बालिकाओं को विकासखंड स्तर पर महालक्ष्मी किट वितरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान लिंगानुपात प्रति एक हजार पुरुषों के सापेक्ष 960 महिला है। लिंगानुपात के इस अंतर को समाप्त करने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद रतूड़ी, जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव ने सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए इनकों जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया।
इस मौके पर सीडीओ नमामी बंसल, जाखणीधार ब्लॉक प्रमुख सुनीता देवी, चंबा शिवानी बिष्ट, पूर्व राज्यमंत्री बेबी असवाल, दुग्ध संघ के अध्यक्ष जगदंबा बेलवाल, पीडी डीआरडीए आनंद सिंह भाकुनी, डीडीओ सुनील कुमार, जिला प्रोवेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया, डीपीओ बबीता शाह, भाजपा जिला महामंत्री गोविंद रावत, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष परवीर पंवार, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रेखा राणा, रश्मि बिष्ट आदि मौजूद थे।