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तीलू रौतेली पुरस्कार चयन की हो निष्पक्ष जांच

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नई टिहरी में पत्रकार वार्ता करती महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष दर्शनी रावत। - फोटो : NEW TEHRI
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तीलू रौतेली पुरस्कार चयन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार पर पहाड़ी जिलों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। सरकार से पुरस्कार चयन करने का आधार बताने की मांग की है।
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पत्रकार वार्ता में महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष दर्शनी रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने तीलू रौतेली पुरस्कार में पारदर्शिता नहीं बरती है। भाजपा से जुड़े लोगों को ही इसमें शामिल किया गया है। टिहरी से चयनित पूनम डोभाल को जरूर उनके संघर्षों का इनाम मिला है, लेकिन अधिकांश पात्र लोगों को इससे वंचित रखना भाजपा सरकार की नीति को दर्शाता है। पुरस्कार चयन की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। इस मौके पर आशी रावत, अनीता रावत, ममता उनियाल, शकुंतला पेटवाल, मीना पुंडीर, सरिता रावत भी उपस्थित रहीं।
उधर, रुद्रप्रयाग में जिलाध्यक्ष शशि सेमवाल व ब्लॉक प्रमुख प्रदीप थपलियाल का कहना है कि भाजपा सरकार ने तीलू रौतेली पुरस्कार को अपनी पार्टी का महिला मोर्चा पुरस्कार बनाकर रख दिया है। वहीं आवेदन करने वाली राजेश्वरी देवी ने बताया कि उन्होंने आवेदन फार्म दो प्रतियों में निर्धारित समय पर विभाग में जमा करा दिया था, लेकिन उन्हें रसीद नहीं दी गई।
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वहीं, चमोली में जिला कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता विकास जुगरान ने राज्य सरकार की ओर से महिलाओं को दिए जाने वाले तीलू रौतेली सम्मान की चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया साफ तौर पर पक्षपाती नजर आ रही है। सरकार ने पुरस्कार के लिए अपने चहेतों का चयन कर पुरस्कार की घोषणा की है।
उत्तरकाशी। जिला महिला कांग्रेस कमेटी की जिलाध्यक्ष मीना नौटियाल ने सरकार पर तीलू रौतेली पुरस्कार वितरण में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया। सभासद सविता भट्ट ने कहा कि कोरोना काल में उल्लेखनीय कार्य करने वाली आशाओं के साथ पर्वतारोहण में देश का नाम ऊंचा करने वाली सविता कंसवाल को पुरस्कार न देना गलत है। इस मौके पर कविता जोगिला, गंगा पंवार, रजनी डिमरी, बीना शाह, कमलेश्वरी भंडारी, राखी राणा आदि शामिल रहे।
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