जमीन बचाने के लिए बनाया जाए सशक्त भू-कानून
चंबा (टिहरी)। बीज बचाओ आंदोलन की पहल पर आयोजित बारहनाजा व जमीन बचाओ सम्मेलन में भू-कानून लागू करने, जैविक व प्राकृतिक खेती की नई कृषि नीति बनाए जाने की मांग की गई। खेती सुरक्षा के लिए जंगली जानवरों की रोकथाम पर जोर दिया। पावर टिलर की तरह बैलों की खरीद पर भी सब्सिडी देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
नागणी में आयोजित सम्मेलन में कार्यक्रम के संयोजक पर्यावरणविद् विजय जड़धारी ने सम्मेलन के उद्देश्यों की जानकारी दी। कहा कि वर्तमान में खेती और जमीन दोनों खतरे में हैं। खेती मौसम की मार और जंगली जानवरों के कारण संकट में है, तो जमीन पर भूमाफियाओं का कब्जा होता है। समय रहते यदि प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में अनेक समस्याएं होंगी।
वक्ताओं ने जमीन बचाने के लिए सरकार से सशक्त भू-कानून बनाने की मांग की। खेती सुरक्षा के लिए जंगली जानवरों की रोकथाम पर जोर दिया गया। कहा कि जैविक व प्राकृतिक खेती की नई कृषि नीति बनाई जाए। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष सूरज राणा, पूर्व प्रधान बचन सिंह गुसांईं, दयाल भाई, प्रधान प्रीति जड़धारी, सत्य प्रसाद जोशी, बीडीसी सदस्य पंकज बरवाण, विजयपाल राणा, गुरु प्रसाद डबराल, केशवानंद मैथाणी, विनोद बडोनी, भगवती प्रसाद बडोनी, दिनेश भंडारी मौजूद थे।