प्रतापनगर ब्लॉक के आधा दर्जन गांव को जोड़ने के लिए बनाए जा रहे सुनखेत-थाला-मोलगा साढ़े पांच किमी मोटर का निर्माण 14 साल में भी पूरा नहीं हो पाया है। मार्ग नहीं बनने के कारण ग्रामीण कई किमी पैदल नापने को मजबूर हैं। पीएमजीएसवाई ने करीब डेढ़ साल पहले शासन को अवशेष निर्माण को पूरा करवाने के लिए एक करोड़ 15 लाख की डीपीआर भेजी थी, लेकिन आजतक मंजूरी नहीं मिली है।
प्रतापनगर के सिलवालगांव, थाला, मोलगा, मिश्रवाणगांव, हलेथ, धारगढ़, खोलगढ़ आदि को सड़क से जोड़ने के लिए सरकार ने वर्ष 2006 में साढ़े पांच किमी सुनखेत-थाला-मोलगा मोटर मार्ग स्वीकृत किया था। लोनिवि 2010-11 में मोटर मार्ग का काम शुरू करवाया था, लेकिन सड़क निर्माण के दौरान थाला गांव में पत्थर गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हुए थे। वर्ष 2014 में मोटर मार्ग पीएमजीएसवाई को हस्तांतरित हो गया था। पीएमजीएसवाई ने सड़क निर्माण शुरू किया था। बावजूद जिस स्थल पर विवाद था, वहां से आगे सड़क नहीं बन पाई है। पीएमजीएसवाई ने ढाई साल पहले विवाद को सुलझा लिया है, लेकिन सड़क निर्माण को पूरा करवाने के लिए एक करोड़ 15 लाख रुपये की जरूरत थी। विभाग ने 2019 में शासन को इस्टीमेट भेजा है, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। पूर्व प्रधान पारेश्वर प्रसाद भट्ट ने कहा कि सड़क निर्माण पूरा न होने के कारण ग्रामीणों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से सड़क निर्माण पूरा करवाने के लिए बजट जारी करने की मांग की।
सुनखेत-थाला-मोलगा मोटर मार्ग के अवशेष कार्य को पूरा करवाने के लिए शासन को बजट के लिए इस्टीमेट भेजा गया है। शासन से बजट मिलते ही सड़क निर्माण पूरा करवाया जाएगा।
-संजय श्रीवास्तव, ईई, पीएमजीएसवाई नई टिहरी।