अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/ सिविल जज (सीनियर डिविजन) की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में दोषी पाए गए एक अभियुक्त को छह माह की सजा सुनाई है। आरोपी को 1.10 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है।
अधिवक्ता सोहन सिंह रावत ने बताया कि अभियुक्त नागेंद्र लाल ने वादी चंद्रमणि से वर्ष 2012 में दो लाख रुपये उधार लिए थे। कई बार पैसे मांगने पर भी आरोपी ने वर्ष 2014 में वादी को दो लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन संबंधित खाते में उतनी धनराशि नहीं होने पर वादी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट (जूनियर डिविजन) में मुकदमा पंजीकृत कर दिया। इस बीच दोनों पक्षों के बीच सेटलमेंट होने के बाद 2018 में आरोपी ने वादी को बकाया 80 हजार रुपये का चेक दिया, लेकिन वह चेक भी बाउंस हो गया। इस पर वादी ने अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया। मुकदमे में अधिवक्ता सोहन सिंह रावत ने अभियुक्त को दंडित कर वादी की धनराशि लौटाने की अपील की है। दोषी पाए जाने पर मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/ सिविल जज सीनियर डिविजन रीतिका सेमवाल की अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अभियुक्त नागेंद्र लाल को 138 बी में दोषी पाते हुए छह माह का कारावास और एक लाख 10 हजार का अर्थदंड लगाया। अदालत ने जुर्माने की राशि में से एक लाख रुपये वादी को देने और 10 हजार रुपये सरकारी खाते में जमा करने के आदेश दिए हैं। 10 हजार रुपये जुर्माना अदा नहीं करने पर अभियुक्त को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतने के निर्देश दिए हैं।