22 दिसंबर को डेढ़ माह की कार्यशाला का होगा समापन
नई टिहरी। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से जिला मुख्यालय के विवेक मेमोरियल सुरगंगा संगीत विद्यालय में कथक नृत्य कार्यशाला का आयोजन किया गया है जिसमें छात्र-छात्राएं कथक की बारीकियां सीख रही हैं। इस दौरान उन्हें गायन और नृत्य के अलावा वाद्य यंत्रों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
तीन नवंबर से शुरू हुई डेढ़ माह की कार्यशाला में इन दिनों शहर के संगीत के क्षेत्र में रुचि रखने वाले 30 छात्र-छात्राओं को सुरगंगा संगीत विद्यालय में प्रशिक्षित किया जा रहा है। निदेशक डॉ. विकास फोंदणी ने बताया कि शास्त्रीय संगीत ही संगीत के क्षेत्र की व्याकरण है। कथक नृत्य के लिए शारीरिक हावभाव, लचक, सुर और ताल का ज्ञान होना जरूर है।
बताया कि प्रतिभागियों को हारमोनियम, तबला, गायन विधा की भी शिक्षा दी जा रही है। कथक की नींव भरत मुनि द्वारा लिखित एक प्राचीन संस्कृत ग्रंथ नाट्य शास्त्र में निहित है। इसके तीन प्रमुख भाग मंगलाचरण, नृत्त और नृत्य से विषय विशेषज्ञ अवगत करा रहे हैं। कथक सभी समूहों में प्रचलित है। इसलिए इस गतिशील फ्रेम के परिधान अलग-अलग समूहों के रीति-रिवाजों के अनुसार बनाए जाते हैं।
प्रतिभागी साक्षी नेगी, शिवानी, अंशी पटेल, गरिमा, कुसुम, सौम्या, शिवानी, सोनाली, स्वास्तिका फोंदणी, नतालिया भट्ट, अम्बिका, नैन्सी, ईशा, अदिति, सविता, पिंकी रावत, त्रिहरी नेगी, दीक्षा नेगी, अरविंद कोहली ने बताया कि प्रशिक्षण में उन्हें कथक सहित गायन के विधा सीखने को मिली। डॉ. फोंदणी ने बताया कि 22 दिसंबर को न्यू टिहरी प्रेस क्लब सभागार में शाम करीब पांच बजे से कार्यशाला का समापन किया जाएगा।