फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...तो क्या लग सकता है प्रदेश में राष्ट्रपति शासन

Sat, 19 Mar 2016 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
सदन में जाते मुख्यमंत्री हरीश रावत। - फोटो : AmarUjala
विज्ञापन
राजनीतिक जानकारों की मानें तो तकनीकी रूप से सरकार तो बच गई है, लेकिन संवैधानिक संकट बरकरार है। राज्यपाल मामले में तत्काल विशेष सत्र बुलाकर सरकार को बहुमत साबित करने के लिए कह सकते हैं। 
विज्ञापन


नौ विधायक बगावत कर जिस तरह से भाजपा के पक्ष में आ गए हैं, इससे सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाएगी और गिर जाएगी।

यदि कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल होते हैं तो उनकी सदस्यता समाप्त हो जाएगी। कांग्रेस उन्हें पार्टी से निष्कासित करे तभी उनकी सदस्यता बच सकती है। 

कांग्रेस के खिलाफ जाने वालों का निलंबन तय:
कांग्रेस के जो भी लोग खिलाफ गए हैं, उनका निलंबन तय है। विजय बहुगुणा तो मुख्यमंत्री रहे हैं। कांग्रेस परिवार से संबंध रखते हैं, वह कांग्रेस के खिलाफ चले गए। 

जो भी हो, सरकार पर कोई संकट नहीं है। राज्यपाल के सामने हम भी अपना पक्ष रखेंगे। जो लोग कांग्रेस के खिलाफ गए हैं, उन पर दल बदल कानून भी तो लागू होगा।
- इंदिरा हृदयेश, संसदीय कार्यमंत्री

अभी तक मामला विधानसभा का है। मुख्यमंत्री हरीश रावत और संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश से बात करने के बाद ही तय किया जाएगा कि अगला कदम क्या होगा। इतना जरूर है कि भाजपा का असली चरित्र सामने आ गया है। भाजपा का यह कदम लोकतंत्र पर कुठाराघात है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-किशोर उपाध्याय, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें