सोमवार को डेढ़ घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम परिसर में घुसा मलबा व प
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मूसलाधार बारिश से द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम का मंदिर परिसर मलबे व पानी से जलमग्न हो गया। स्थानीय हक-हकूकधारियों व श्रद्धालुओं की मदद से परिसर से पानी को साफ कर सांयकालीन आरती की व्यवस्था की गई।
सोमवार शाम करीब डेढ़ घंटे हुई बारिश से बुग्याली क्षेत्र में पानी का सैलाब मलबे के साथ मंदिर परिसर में घुस गया। इस दौरान मंदिर के पुजारी व वेदपाठी मंदिर के अंदर ही थे। पुजारी शिव लिंग ने बताया कि मंदिर परिसर में स्थापित गौरी-शंकर की मूर्ति दो फीट तक डूब गई है। बारिश बंद होने के बाद वेदपाठी मृत्युंजय हीरमठ व हक-हकूकधारी दिनेश पंवार, रघुवीर पंवार, फते सिंह ने मंदिर परिसर से मलबा हटाया। इधर, गौंडार के ग्राम प्रधान वीर सिंह पंवार ने बताया कि बूढ़ा मद्महेश्वर की पहाड़ियों पर जलमोड़ नाली का निर्माण नहीं होने से हल्की बारिश में भी पानी मंदिर परिसर तक पहुंच रहा है।
राजमार्ग ढाई घंटे रहा बंद
कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर राजमार्ग पर भी बारिश से चोपता से लगभग दो किमी पहले बांज का एक पेड़ गिरने से करीब ढाई घंटे बाधित रहा। चोपता के व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र मैठाणी ने बताया कि शाम करीब छह बजे बारिश के कारण बाजार से लगभग दो किमी पहले बांज का भारी पेड़ सड़क पर आ गिरा। एनएच के एई राजीव चौहान ने बताया कि सूचना पर एनएच द्वारा पेड़ काटने के लिए मशीन भेजी गई। रात तक हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया गया है।