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उत्तराखंड पंच केदार: शीतकाल के लिए बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट

Sat, 30 Oct 2021 06:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊखीमठ

सार

1 नवंबर को आराध्य तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ छह माह की शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए अपने शीतकालीन गद्दीस्थल मार्कण्डेय मंदिर में विराजमान हो जाएंगे।
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तुंगनाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंपंच केदार में तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ मंदिर के कपाट शनिवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। चोपता, भनकुन होते हुए 1 नवंबर को डोली शीतकालीन गद्दीस्थल मार्कण्डेय मंदिर मक्मूमठ में विराजमान हो जाएगी। यहां एक दिवसीय तुंगनाथ महोत्सव का भी आयोजन किया जा रहा है।

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समाधि रूप देकर भव्य शृंगार किया
सुबह 9 बजे से तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू हुई। मैठाणी ब्राह्मणों द्वारा मठापति राम प्रसाद मैठाणी के हाथों मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने के संकल्प के साथ ही विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान आराध्य के स्वयंभू लिंग को समाधि रूप देकर भव्य शृंगार किया गया।

 

दोपहर 12 बजे भगवान तुंगनाथ की भोग मूर्ति को चल विग्रह डोली में विराजमान करते हुए गर्भगृह से मंदिर परिसर में लाया गया। यहां पर परंपरानुसार सभी धार्मिक अनुष्ठान की औपचारिकताओं का निर्वहन किया गया। दोपहर 1 बजे कपाट बंद कर दिए गए।


शीतकालीन गद्दीस्थल मार्कण्डेय मंदिर में विराजमान होंगे भगवान

साथ ही चल विग्रह डोली मंदिर की तीन परिक्रमा के उपरांत शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ के लिए प्रस्थान करेगी। डोली रात्रि प्रवास के लिए पहले पड़ाव चोपता पहुंचेगी। 31 अक्तूबर को भनकुन में विश्राम करेगी। 1 नवंबर को आराध्य तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ छह माह की शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए अपने शीतकालीन गद्दीस्थल मार्कण्डेय मंदिर में विराजमान हो जाएंगे।

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इस वर्ष 5486 श्रद्धालुओं ने किए तृतीय केदार तुंगनाथ के दर्शन 

डेढ़ माह की यात्रा में इस बार तृतीय केदार के दर्शनों के लिए 5486 श्रद्धालु पहुंचे। सीमित समय की यात्रा के चलते इस दौरान भक्तों में खूब उत्साह रहा। साथ ही स्थानीय कारोबारियों की आमदानी में अच्छा इजाफा हुआ।

कोरोना काल के बीच इस वर्ष 17 मई को तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट खोले गए थे। जबकि कोरोना संक्रमण के चलते चार माह तक धाम में एक भी श्रद्धालु नहीं पहुंचा। 18 सितंबर को यात्रा शुरू होने के बाद माह के आखिर तक धाम में 12 सौ श्रद्धालुओं ने बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। जबकि अक्तूबर माह में देश-विदेश से यहां 4286 श्रद्धालु पहुंचे।

तृतीय केदार की यात्रा में यह नया रिकॉर्ड है कि एक माह में इतनी संख्या में यात्री पहुंचे हैं। मंदिर के प्रबंधक बलवीर सिंह नेगी ने बताया कि 1 से 30 अक्तूबर तक ऐसा कोई दिन नहीं था, जब भक्तों का हुजुम न उमड़ा हो। उन्होंने बताया कि पिछले तीन-चार सालों में तृतीय केदार के दर्शनों के लिए प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है।

इस वर्ष जिस तरह से डेढ़ माह में 5486 श्रद्धालु पहुंचे हैं, उससे आने वाले समय में यह आंकड़ा और अधिक हो सकता है। इधर, मंदिर के मठाधिपति राम प्रसाद मैठाणी ने देवस्थानम बोर्ड सहित प्रदेश सरकार से तृतीय केदार में यात्री सुविधाओं को बढ़ाने की मांग की है।
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