अब, जिला चिकित्सालय को मरीजों को अन्यत्र या हायर सेंटर रेफर करने के बारे में प्रतिदिन जिलाधिकारी कार्यालय को रिपोर्ट देनी होगी। किन कारणों से मरीज को रेफर किया जा रहा है, इस बारे में पूरी जानकारी देनी होगी। डीएम ने सीएमएस से चिकित्सालय में रेफरल केसों के उचित समाधान के लिए चिकित्सकीय सुझाव भी मांगे हैं।
जिला चिकित्सालय से अनावश्यक रूप से मरीज, गर्भवती महिला व घायल को सीधे हायर सेंटर रेफर करने की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए डीएम ने मामले में सीएमएस से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने अस्पताल में प्रतिदिन भर्ती मरीजों की संख्या, बीमारी, उम्र व पते के साथ रेफर करने के कारण का उल्लेख कर रिपोर्ट देने को कहा है। जिलाधिकारी ने ऐसे मरीजों, जिन्हें अपना इलाज कराने में खासी दिक्कतें होती हैं, उनके लिए ठोस नीति बनाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके तहत एक पैथोलॉजी लैब भी तैयार कराई जा रही है, जहां मरीज अपनी अधिकांश जांच करा सकेंगे। जिला चिकित्सालय में ऑक्सीजन प्लांट भी स्थापित किया जा रहा है। इससे आने वाले दिनों में जरूरतमंद मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी।