मूसलाधार बारिश से निर्माणाधीन दैजीमांडा-पौड़ीखाल मोटर मार्ग के मलबे से रामपुर के गांव के काश्तकारों की खेती पूरी तरह से चौपट हो गई है। धान की रोपाई वाले खेत मलबे से पट चुके हैं, जिससे पूरी फसल नष्ट हो गई है।
बुधवार सुबह हुई भारी बारिश से निर्माणाधीन सड़क के मलबे से रामपुर गांव के धान की रोपाई वाले अधिकांश खेत भर गए। इस दौरान ग्रामीणों ने तेज बारिश में ही मलबे की दिशा को दूसरी तरफ मोड़ने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन पाई। देखते ही देखते सैकड़ों नाली खेत मलबे की भेंट चढ़ गए। ग्रामीणों का कहना है कि लोनिवि ने दैजीमांडा-पौड़ीखाल मोटर मार्ग के मलबे के लिए डंपिंग जोन बनाने के बजाय नारंगी गदेरा में उड़ेला गया था, जो भारी बारिश से धान की रोपाई वाले खेतों में घुस गया। इससे 35 परिवारों की खेती पूरी तरह से चौपट हो गई है।
प्रधान कैलाश चंद्र, राजेंद्र प्रसाद रतूड़ी, वेद प्रकाश रतूड़ी, रामकृष्ण रतूड़ी, राजेंद्र प्रसाद, रमेश सिंह, जगमोहन सिंह, चंद्रमोहन, देवेंद्र सिंह, रघुवीर सिंह, आरती देवी आदि का कहना है कि आज वह लोनिवि द्वारा बरती गई लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। दैजीमांडा-पौड़ीखाल मोटर मार्ग के कटान का मलबा विभाग द्वारा डंपिंग जोन में डालने के बजाय नारंगी गदेरा में उड़ेला गया, जो तेज बारिश होते ही उनके खेतों में पहुंच चुका है।
इधर, ग्राम पंचायत खांकरा में भी बारिश से पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। साथ ही कई घंटों तक बिजली सप्लाई भी ठप रही। पूर्व ग्राम प्रधान नरेंद्र ममगाईं, बीबी ममगाईं, ओमकार नौटियाल ने बताया कि बारिश के बाद उपजे हालातों से लोगों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।