जिला मुख्यालय से लगे पुनाड़ में पांडव नृत्य के तहत पांडव पश्वाओं ने श्रीकृष्ण पश्वा के साथ गंगा स्नान किया। पूजा-अर्चना के साथ नकुल ने अपने पित्रों को तर्पण दिया।
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शुक्रवार पूर्वाह्न 11.30 बजे ढोल-दमाऊं व पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ पांडव, भगवान नारायण के साथ अकलनंदा नदी किनारे पहुंचे। यहां पर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना व अन्य धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए पांडवों में नकुल ने अपने पित्रों को तर्पण दिया। इसके उपरांत भगवान नारायण की पूजा-अर्चना की गई। इससे पूर्व बृहस्पतिवार रात्रि को गैंडा कौथिग लीला का मंचन किया गया।