भूधंसाव से खतरनाक हुआ तिलवाड़ा-सूर्यप्रयाग-जैली मोटर मार्ग।
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जखोली विकासखंड के सिलगढ़, बड़मा, बांगर व लस्या क्षेत्र को जोड़ने वाले सूर्यप्रयाग-जैली मोटरमार्ग पर लाटा बैंड में तेजी से भूधंसाव हो रहा है। मंदाकिनी नदी के तेज बहाव से हो रहे कटाव के कारण ऊपरी तरफ से जमीन धंस रही है जिससे खतरा बढ़ रहा है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने प्रभावित हिस्से के सुधारीकरण के लिए भू-सर्वेक्षण कर सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की है।
तिलवाड़ा-सूर्यप्रयाग-जैली मोटर मार्ग जखोली ब्लॉक की तीन पट्टियों के 20 फीसदी गांवों की लाइफ लाइन है। इस मार्ग से गांवों के छोटे व बड़े वाहन तिलवाड़ा, रुद्रप्रयाग पहुंचते हैं। जून 2013 की आपदा के बाद से लाटा बैंड के पास भूधंसाव हो रहा है जो प्रतिवर्ष बढ़ रहा है। इन दिनों यहां जगह-जगह दरारें पड़ी हैं जो दुर्घटना का कारण बन सकती है।
सिलगढ़ विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष वीर सिंह रावत, दीपक रावत, दरवान सिंह जखनवाल, नरेश भट्ट, क्षेपं सदस्य निर्मला बहुगुणा का कहना है कि शासन, प्रशासन व सड़क कार्यदायी संस्था को कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बाद भी प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा के लिए कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता केएस सजवाण का कहना है कि भूधंसाव जोन का स्थलीय निरीक्षण किया गया है। नदी के बहाव से हो रहे भू-कटाव के कारण ऊपरी तरफ से जमीन धंस रही है। जल्द ही भू-वैज्ञानिकों के साथ दोबारा सर्वेक्षण कर नदी के तट से प्रभावित हिस्से तक सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी।