केदारनाथ यात्रा के लिए गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग को दुरस्त किया जा रहा है। मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने के साथ ही डेंजर जोन पर सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं।
17 किमी लंबे मोटर मार्ग को चिरबासा से भीमबली तक प्रभावित स्थानों पर दुरुस्त कर दिया गया है। यहां पर भूस्खलन प्रभावित जगहों पर रास्ते को चौड़ा किया गया है। वहीं, भीमबली में पहाड़ी से गिरने वाले झरने के पानी की निकासी के लिए आरसीसी स्कपर बनाए गए हैं। लिनचोली के समीप भी रास्ते की चौड़ाई बढ़ाई जा रही है। कार्यदायी संस्था डीडीएमए के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि पैदल मार्ग को यात्रा और केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की दृष्टि से सुरक्षित बनाया जा रहा है। तीखे मोड़ों को और सरल किया जाएगा, जिससे घोड़ा-खच्चरों से निर्माण सामग्री ले जाने में दिक्कत न हो। केदारनाथ में दूसरे चरण के पुनर्निर्माण कार्य 20 फीसदी से अधिक हो चुके हैं।
पुलिस भी हुई मुस्तैद
रुद्रप्रयाग। यात्रा के लिए पुलिस मुस्तैद हो गई है। गौरीकुंड से केदारनाथ पैदल मार्ग सहित धाम में चिह्नित स्थानों पर पुलिस टीम को जल्द तैनात कर दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि धाम में पहले से 12 सदस्यीय टीम मौजूद है। अब, लिनचोली, भीमबली के लिए भी टीम रवाना की जा रही है।
--------
केदारनाथ में यात्रियों के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे हैं। जीएमवीएन को एक सप्ताह के भीतर टैंट लगाने के लिए कहा गया है। साथ ही सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक दुकानों के संचालन व सुरक्षा को लेकर भी संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
- मनुज गोयल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग।