सुमेरपुर के ग्रामीणों ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के निर्माण से क्षतिग्रस्त पेयजल स्रोत, पैदल मार्ग व पैतृक घाट पहुंच मार्ग की मरम्मत और ढाई किमी सड़क निर्माण की मांग की है।
पूर्व ग्राम प्रधान शिव सिंह रावत, बलवंत सिंह बुटोला, कमल सिंह बुटोला, आनंद सिंह बिष्ट, कल्पेश्वरी देवी, बीना देवी का कहना है कि जिस तरह से परियोजना की कार्यदायी संस्था और आरवीएनएल द्वारा निर्माण कार्य किया जा रहा है, उससे ग्राम पंचायत की कई परिसंपत्तियां क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। आरवीएनएल द्वारा सुमेरपुर गांव से जूनियर हाईस्कूल सुमेरपुर तक ढाई किमी सड़क निर्माण की बात कही थी, लेकिन अभी तक मार्ग का निर्माण नहीं हो पाया है। मार्ग के बनने से डुंगरी, चोपडिखेत, लुंगई, रतूड़ा, भुनका आदि गांवों के ग्रामीणों को लाभ मिलना था। शासन-प्रशासन व रेलवे विकास निगम के अधिकारियों को कई बार स्थिति से अवगत कराने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।