तहसील मुख्यालय ऊखीमठ में गर्मी बढ़ने के साथ पेयजल संकट पैदा होने लगा है। नगर के कई क्षेत्रों में सप्लाई प्रभावित होने से लोग दूरस्थ स्रोतों की दौड़ लगा रहे हैं। जबकि यहां जलसंस्थान की दो-दो पेयजल योजनाएं संचालित हो रही हैं।
2015 में नगर निकाय गठन के बाद भी ऊखीमठ में पेयजल संकट को दूर करने के लिए ठोस प्रयास नहीं हो पाए हैं। लगभग तीन हजार आबादी वाले नगर क्षेत्र के लिए जल संस्थान की ऊखीमठ-पिंगलापानी और फाफंज-ऊखीमठ पेयजल लाइन संचालित हो रही हैं, लेकिन दोनों योजनाएं लोगों के हलक तर करने में नाकाफी साबित हो रही हैं। फाफंज-ऊखीमठ पेयजल योजना के स्रोत पर पानी कम होने लगा है, जिससे भट्टेश्वर वार्ड, लोनिवि कॉलोनी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पेयजल सप्लाई प्रभावित हो रही है। वहीं, ओंकारेश्वर वार्ड और किमाणा में भी पानी का बहाव कम होने लगा है। ग्राम पंचायत मक्कू व पठाली के कई क्षेत्रों में भी लोग परेशान हो रहे हैं। नपं सभासद रवींद्र रावत, हरिमोहन भट्ट, पूर्व प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, ग्राम प्रधान विजयपाल सिंह नेगी, संदीप पुष्पवाण और गुड्डी राणा ने बताया कि शासन-प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
यात्रा पड़ाव पर सूख रहे हलक
केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गुप्तकाशी बाजार में इस बार भी पेयजल संकट बना हुआ है। बीते एक दशक में यहां आबादी बढ़ने के बाद भी शासनस्तर पर पर्याप्त पानी के इंतजाम नहीं हो पाए हैं। पूर्व प्रमुख ममता नौटियाल का कहना है कि ब्यूंगाड़-गुप्तकाशी पेयजल योजना की मांग हो रही है। उन्होंने विश्वनाथ मंदिर में गंगा-यमुना जल धाराओं का संरक्षण कर नगर में सप्लाई की मांग की है। मैखंडा, रुद्रपुर, नाला, खडिय़ा, धानी, बडासू व त्रियुगीनारायण में भी पेयजल किल्लत बनी हुई है।
नगर क्षेत्र के पेयजल संकट प्रभावित क्षेत्रों में जल्द ही टैंकर से पानी सप्लाई शुरू की जाएगी। साथ ही यहां की दोनों पेयजल योजनाओं के पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। ब्यूंगगाड़-गुप्तकाशी पेयजल योजना के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है, जिसका निर्माण जलनिगम द्वारा किया जाएगा।
- संजय सिंह, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान, रुद्रप्रयाग