डॉ. उपेंद्र राणा।
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हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल के वनस्पति विज्ञान के अतिथि शिक्षक डॉ. उपेंद्र राणा ने मशरूम की नई प्रजाति खोजी है। इसे उन्होंने उत्तराखंड नाम दिया है। डॉ. राणा का शोधपत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल फंगल डायवर्सिटी में प्रकाशित हुआ है। इससे पूर्व भी वह मशरूम की 12 प्रजातियां खोज चुके हैं।
जखोली ब्लॉक के लस्या पट्टी के ग्राम पंचायत उरोली के अमकोटी गांव निवासी डॉ. उपेंद्र राणा कई वर्षों से मशरूम पर काम कर रहे हैं। वर्ष 2019 से वह मशरूम की नई प्रजाति पर शोध कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पौड़ी जनपद के चौंरीखाल के जंगलों से बांज की पत्तियों पर मशरूम के सैंपल एकत्रित किए थे। कई प्रकार के वैज्ञानिक शोधों के बाद वाह्य व आंतरिक संरचना और डीएनए अध्ययन के उपरांत मशरूम का नामकरण किया गया। डॉ. उपेंद्र राणा ने बताया कि माइसेनेसी परिवार की इस प्रजाति को क्रूएंसोमाइसीना उत्तराखंडिना नाम दिया गया है। लाल रंग के इस मशरूम की लंबाई 12 से 16 मिमी है। मशरूम का स्पेसिमेन सेंट्रल नेशनल हार्बेरियम, हावड़ा (पश्चिम बंगाल) में जमा किया गया है। डॉ. उपेंद्र राणा की इस उपलब्धि पर उनके पिता बीएस राण ने खुशी जताई है। जिपं अध्यक्ष अमरदेई शाह, विधायक भरत सिंह चौधरी, डीएम मनुज गोयल, सीडीओ नरेश कुमार ने डॉ. राणा को बधाई दी है।
डा. उपेंद्र राणा की खोजी हुई लाल मशरूम।- फोटो : RUDRAPRYAG