कांग्रेस ने देवस्थानम बोर्ड भंग करने, भ्रष्टाचार, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और तीलू रौतेली पुरस्कार के नाम पर बंदरबांट का आरोप लगाते हुए कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने कोरोना की तीसरी संभावित लहर को लेकर प्रदेश व जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की तैयारी नहीं होने पर रोष जताते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी के माध्यम से कांग्रेसजनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भी भेजा।
जिलाध्यक्ष ईश्वर सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार की सभी हदें पार कर दी हैं। केदारनाथ के विधायक मनोज रावत ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड को गठित कर भाजपा सरकार ने चारधाम की प्राचीन यात्रा व्यवस्था को प्रभावित करने का काम किया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री मातबर सिंह कंडारी ने कहा कि उन्होंने विधायक रहते हुए रुद्रप्रयाग विस में जो मोटर मार्ग समेत अन्य योजनाएं स्वीकृत कराईं थीं उन्हें अब भाजपा के लोग अपनी उपलब्धि बता रहे हैं। उन्होंने जल, जीवन मिशन और ऑलवेदर रोड परियोजना में ऋषिकेश-बदरीनाथ व रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर हुए घटिया कार्यों की उच्चस्तरीय जांच, एनएच व रेलवे के प्रभावितों को रोजगार, देवस्थानम बोर्ड को भंग करने, श्रम विभाग से पंजीकृत मजदूरों को संचालित योजनाओं का लाभ देने की मांग भी की। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष गीता झिक्वांण, पूर्व दायित्वधारी देवेंद्र सिंह झिक्वांण, जिपं सदस्य नरेंद्र बिष्ट, महामंत्री शैलेंद्र गोस्वामी, बीरेंद्र सिंह बुटोला, बंटी जगवाण, विशाल रावत, हरीश गुसाईं मौजूद थे।