स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में नगर निगम के एक कर्मचारी को प्रशस्तिपत्र प्रदान करते समय तंज कसने का आरोप लगाकर सभी कर्मचारी सोमवार को हड़ताल पर रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने मेयर के खिलाफ नारेबाजी की और प्रशस्तिपत्र लौटाने की घोषणा कर दी।
नगर निगम कार्यालय में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रविवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें नगर निगम के 16 कर्मचारियों को बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया गया। बताया जा रहा है कि नगर निगम के लेखाकार गिरधर गोपाल को सम्मानित करते समय मेयर गौरव गोयल ने एक टिप्पणी भी कर दी। आरोप है कि मेयर ने मंच से लेखाकार को कह दिया कि ‘हालांकि तुम इस लायक तो हो नहीं, लेकिन फिर तुम्हें प्रशस्ति-पत्र दे रहे हैं।’ इसे लेकर कर्मचारी भड़क गए, लेकिन स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मामला किसी तरह शांत हो गया। वहीं, सोमवार सुबह जब नगर निगम कार्यालय खुला तो कर्मचारी अपनी सीटों पर बैठने के बजाय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धन प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में मेयर के कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए।
कर्मचारियों ने कहा कि मेयर ने ऐसा कहकर कर्मचारियों को मंच से अपमानित किया है। इसे किसी सूरत में बरदाश्त नहीं किया जा सकता। मौके पर पहुंचे मेयर गौरव गोयल ने कर्मचारियों को मनाने का भी प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। कर्मचारियों का कहना था कि जब तक मेयर लिखित माफी नहीं मांगते हैं, हड़ताल जारी रहेगी। यही नहीं, विरोध स्वरूप सभी 16 कर्मचारियों ने प्रशस्तिपत्र लौटाने की घोषणा की है। इस मौके पर कय्यूम, रविंद्र पंवार, मृदुल कुमार, आयुष मुद्गल, बिजेंद्र कुमार, पीतम सिंह आदि मौजूद रहे। वहीं, पार्षद नितिन त्यागी, आशीष अग्रवाल आदि ने कर्मचारियों के धरनास्थल पर पहुंचकर उन्हें अपना समर्थन दिया। पार्षदों ने कहा कि वह कर्मचारियों के साथ हैं। उनका अपमान किसी भी स्थिति में बरदाश्त नहीं किया जाएगा।
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मैंने किसी भी कर्मचारी पर न तो तंज किया है और न ही कोई अशोभनीय टिप्पणी। अनावश्यक रूप से मामले को तूल दिया जा रहा है। यदि मेरी किसी बात से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं इसके लिए खेद प्रकट करती हूं। हालांकि, मैंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है।
-गौरव गोयल, मेयर, नगर निगम रुड़की