कलियर में कूड़े के ढेर से मिली नवजात पुलिस टीम के साथ।
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एक तरफ जहां पूरे देश में नवरात्र के दौरान बेटियों को देवी के रूप में पूजा जा रहा है तो वहीं ममता को शर्मसार करने वालों ने दो दिन की बेटी को कूड़े के ढेर में फेंक दिया। दरगाह पीर गैब अली शाह की मजार के पास मंगलवार रात दो दिन की नवजात बच्ची कूड़े के ढेर में पड़ी मिली। पुलिस ने बच्ची को उठाकर रात में ही अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश कर श्यामपुर स्थित श्रीराम आश्रम भेज दिया गया। पुलिस बच्ची के माता-पिता की तलाश में जुट गई है।
इस समय देशभर में धूमधाम से नवरात्र मनाया जा रहा है। बुधवार को पूरे देश में अष्टमी मनाई गई। इस दिन लोग कन्याओं को देवी के रूप में पूजते हैं और उन्हें भोग लगाते हैं। जिनके घर में बेटी होती है, लोग उसे सौभाग्यवान मानते हैं। वहीं, मंगलवार रात मां के भक्त जब अष्टमी पर कन्या जिमाने की तैयारी में जुटे थे, उस दौरान कलियर में कूड़े के ढेर में दो दिन की बच्ची मिलने की घटना ने मां की ममता के साथ इंसानियत को भी शर्मसार कर दिया। देर रात दोनों गंगनहर के बीच दरगाह पीर गैब अली शाह मजार के पास सड़क किनारे कुछ लोग गुजर रहे थे। इस दौरान किसी बच्चे के रोने की आवाज आई। लोगों ने देखा तो कूड़े के ढेर के बीच नवजात कपड़े में लिपटी हुई थी। सूचना मिलते ही एसआई शिवानी नेगी और पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने नवजात को उठाकर सिविल अस्पताल रुड़की में भर्ती कराया। यहां बच्ची का चेकअप कर डॉक्टरों ने बताया कि वह सिर्फ दो दिन की है और पूरी तरह स्वस्थ है। एसओ धर्मेंद्र राठी ने बताया कि बच्ची को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश कर श्यामपुर स्थित श्रीराम आश्रम भेज दिया है। उसके माता-पिता की तलाश की जा रही है।
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तीन साल में चौथा मामला
कलियर क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में इस तरह की यह चौथी घटना है। 27 अगस्त 2018 को शाहजी पीर के मजार के पास खेत में नवजात बच्ची सुनसान जगह पड़ी मिली थी। पुलिस ने बच्ची को उठाया था। उसके माता-पिता का आज तक कोई पता नहीं चल पाया है। 12 मई 2109 को एक नवजात बच्ची कलियर दरगाह इमाम साहब में बुलंद दरवाजे के पास मिली थी। उसकी हालत काफी नाजुक थी। इलाज करवाने पर बच्ची स्वस्थ हो गई थी। 15 अक्तूबर 2019 को रैन बसेरे में नवजात बच्ची मिली थी। रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने उसे उठाकर दूध पिलाया और बाद में पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने तीनों बच्चियों को चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया था।