रुड़की। शहर में छह अक्तूबर से शुरू होने वाली उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की हड़ताल से बिजली व्यवस्था बेपटरी होने वाली है। इससे निपटने के लिए सरकार यूपी और हिमाचल के अधिकारियों को यहां बुलाने की तैयारी कर रही है ताकि हड़ताल का उपभोक्ताओं पर कोई असर न पड़े। हालांकि संयुक्त मोर्चा का दावा है कि दूसरे प्रदेश के अधिकारियों ने यहां हड़ताल के दौरान नहीं आने का आश्वासन दिया है।
बता दें कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा लंबे समय से हड़ताल पर है। अब अगली कड़ी में मोर्चा ने छह अक्तूबर से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। यदि छह से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होती है तो बिजली व्यवस्था बेपटरी हो जाएगी। हड़ताल में ऊर्जा निगम के तीनों निगमों के अधिकारी भी शामिल होंगे। ऐसे में उनकी तरफ से बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। हालांकि निगम के आला अधिकारी और सरकार ने इन अव्यवस्थाओं से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो छह से शुरू होने वाली हड़ताल से निपटने के लिए उत्तर-प्रदेश और हिमाचल के ऊर्जा निगम अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है ताकि वे हड़ताल तक यहां आकर बिजली व्यवस्था सुधारें क्योंकि हड़ताल में ऊर्जा निगम के ठेकेदारों द्वारा रखे गए लाइनमैन शामिल नहीं होंगे। ऐसे में लाइनमैनों से काम करवाने के लिए अधिकारियों को बुलाया जा रहा है। वहीं मामले में संयुक्त मोर्चा के महामंत्री दीपक शांडिल्य का कहना है कि पदाधिकारियों ने यूपी और हिमाचल के मोर्चा पदाधिकारियों से वार्ता की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वहां के अधिकारी हड़ताल के दौरान उत्तराखंड के किसी भी शहर में पहुंचकर अपनी सेवाएं नहीं देंगे। मामले में ऊर्जा निगम के एसई राहुल जैन का कहना है कि सुनने में आया है कि दूसरे प्रदेश के अधिकारियों को बुलाया जा रहा है। हालांकि वे इस मामले में कुछ कह नहीं सकते हैं।
रविवार को खुले ऊर्जा निगम के सभी कार्यालय
लंबे अरसे बाद पहली बार ऐसा देखने को मिला जब दो दिन का एक साथ अवकाश रद्द कर ऊर्जा निगम के अधिकारियों को कार्यालय में बुलाया गया हो। दरअसल, दो अक्तूबर को गांधी जयंती और तीन अक्तूबर को रविवार होने के चलते ऊर्जा निगम की दो दिन की एक साथ छुट्टी थी। ऊर्जा निगम के एमडी दीपक रावत ने ये दोनों अवकाश रद्द कर दिए। ऐसे में रविवार को ऊर्जा निगम का पूरा महकमा कार्यालय पहुंचा। ऊर्जा निगम के एमडी का यह आदेश छह अक्तूबर को शुरू होने वाली हड़ताल के मद्देनजर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि अवकाश के दिन बुलाकर आगे की योजना बनाई जा रही है। हालांकि दबी जुबान से अधिकारियों और कर्मचारियों ने अवकाश में बुलाने का विरोध किया है।
मोर्चा आज निकालेगा मशाल जुलूस
उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की मांगों को लेकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय में चार अक्तूबर को दो बजे बैठक होगी। इसमें छह अक्तूबर से होने वाली अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चर्चा होगी। वहीं इसके बाद पांच बजे शहर में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इस जुलूस में तीनों निगमों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। इसको लेकर मोर्चा ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है।