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चर्च प्रकरण: हिंदू संगठन के दो पदाधिकारी गिफ्तार

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आदर्श आचार संहिता लगने के बाद एक्शन मोड में आई पुलिस ने चर्च में बवाल के मामले में तीन महीने बाद हिंदू संगठन के दो पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की कार्रवाई से भाजपाइयों और चर्च से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा है। दोनों पक्षों के कई लोग भूमिगत हो गए हैं। माना जा रहा है कि पुलिस जल्द अन्य लोगों की गिरफ्तारी कर सकती है।
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रुड़की सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के सोलानपुरम स्थित चर्च में छह अक्तूबर की सुबह प्रार्थना के दौरान धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए सैकड़ों लोगों ने जमकर तोड़फोड़ की थी। यही नहीं, प्रार्थना कर रहे लोगों को पीटा भी गया था। एक युवक को गंभीर चोटें आईं थीं। पुलिस ने चर्च प्रमुख की तहरीर पर भाजपाइयों और विहिप के सात नेताओं को नामजद करते हुए 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़, डकैती का मुकदमा दर्ज किया था। वहीं, घटना वाली रात को ही दूसरे पक्ष की आदर्श नगर निवासी एक महिला ने भी चर्च से जुड़े लोगों पर दो-दो लाख रुपये और नौकरी का लालच देकर धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी।
पुलिस ने चर्च प्रमुख समेत दस लोगों पर मारपीट, डकैती, छेड़खानी, एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में पुलिस ने भाजपाइयों पर भी एससी-एसटी की धारा बढ़ा दी थी। दोनों मुकदमों की जांच सीओ रुड़की विवेक कुमार कर रहे थे। मामला हाई प्रोफाइल होने से पुलिस गंभीरता से जांच कर रही थी, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। इस बीच पुलिस ने गुण-दोष के आधार पर दोनों पक्षों से एससी-एसटी की धारा हटा दी थी। साथ ही मामले की जांच सीओ रुड़की विवेक कुमार से हटाकर सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी देवेंद्र सिंह चौहान को दे दी गई गई थी। मंगलवार रात पुलिस ने मामले में दो गिरफ्तारियां की हैं। एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि हिंदू संगठन से जुड़े शिव प्रसाद त्यागी और सुनील कश्यप को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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