दिन भर चले तूफानी प्रचार-प्रसार के साथ शाम को चुनाव का शोरगुल थम गया। अब प्रत्याशी और समर्थकों ने घर-घर जाकर वोट मांगने की राह पकड़ी है। अलगे दिन और पूरी रात तक प्रत्याशी व समर्थक बिखर रहे वोटों को समेटने में जुटे रहेंगे। प्रत्याशियों के परिजनों के साथ ही महिलाओं की टोलियां भी चुनाव प्रचार में पूरी ताकत से जुटी हैं।
सोमवार को मतदान होना है। मतदान से पहले शनिवार शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थम गया। अब प्रत्याशी कोई जनसभा और कोई रोड शो नहीं निकाल पाएंगे लेकिन डोर-टु-डोर प्रचार कर सकेंगे। मतदान के लिए मात्र 24 घंटे का समय रहने पर प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। प्रत्याशी घर-घर जाकर वोट अपने पक्ष में करने की अपील कर रहे हैं। इसके अलावा प्रत्याशियों के समर्थक और परिजन अलग-अलग टोली बनाकर वोट मांग रहे हैं। इतना ही नहीं प्रत्याशी माहौल अपने पक्ष में बनाने के लिए एक-एक कालोनी और मोहल्लों में तीन से चार बार प्रचार करने पहुंच गए हैं। साथ ही अपनी जीत के लिए जनता का आशीर्वाद मांग रहे हैं। वहीं, चुनाव प्रचार का शोर थमने पर पुलिस-प्रशासन भी चौकन्ना हो गया है। मतदाताओं को लुभाने के लिए शराब और पैसे वितरण पर पुलिस-प्रशासन की पैनी नजर है। खुफिया विभाग भी प्रत्याशियों के समर्थकों और उनके वाहनों की लोकेशन पर नजर रख रहे हैं ताकि अगर कोई गड़बड़ी हो तो समय पर कार्रवाई की जा सके।
सूने पड़े चुनावी कार्यालय
अब प्रत्याशी चुनावी कार्यालयों पर कम ही नजर आ रहे हैं। साथ ही उनके समर्थक भी कार्यालय पर कम चुनाव प्रचार में अधिक नजर आ रहे हैं। चुनावी कार्यालयों में सुबह और रात को समर्थक नजर आ रहे हैं जबकि दिन में सन्नाटा पसरा हुआ है।