लक्सर में आयोजित रामलीला में मंचन करते कलाकार।
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रामलीला के दसवें प्रसंग में सीता को वन-वन ढूंढ रहे श्रीराम और लक्ष्मण को शबरी ने जूठे बेर खिलाए। वहीं, हनुमान ने भगवान राम और सुग्रीव की मित्रता कराई। भगवान राम ने बालि का वध किया और हनुमान ने सोने की लंका में आ लगा दी।
मंगलवार रात की लाला में भगवान राम और लक्ष्मण सीता को वन-वन ढूंढते हैं। इसी दौरान उन्हें शबरी मिलती है। शबरी भगवान राम और लक्ष्मण को कुटिया में ले जाकर जूठे बेर खिलाती है। भगवान श्रीराम उसका उद्धार करते हैं। इसके बाद शबरी भगवान राम और लक्ष्मण से किष्किंधा पर्वत पर सुग्रीव नाम के वानर से मिलने के लिए कहती है। यहां हनुमान भगवान राम और लक्ष्मण की सुग्रीव से मित्रता कराते हैं। फिर भगवान राम बालि का वध कर देते हैं। मरते समय बालि भगवान राम से कहते हैं कि सुग्रीव तुम्हारी क्या मदद करेगा। तुम मुझे बता देते, मैंने रावण को अपनी कैद में छह माह रखा है। इसके बाद बालि की मृत्यु हो जाती है। भगवान राम और लक्ष्मण, सुग्रीव, हनुमान के साथ समुद्र तट पर पहुंच जाते हैं।
भगवान राम हनुमान जी को दूत के रूप में लंका भेजते हैं। हनुमान जी रावण की वाटिका उजाड़ देते हैं। इस पर मेघनाथ हनुमानजी को बंधक बनाकर रावण के सामने पेश करता है। रावण हनुमान की पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है। पूंछ में आग लगने पर हनुमान पूरी लंकापुरी का दहन कर देते हैं। रामलीला मंचन के दौरान रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राहुल अग्रवाल, रतेंद्र तिवारी, अतुल गुप्ता, विनीत गर्ग, प्रमोद अग्रवाल, सुदर्शन कपूर, मनोहरलाल खन्ना, राजेश जंडवानी, विनय सिंघल, सेवाराम, अनुज प्रजापति, जितेंद्र सिंघल आदि मौजूद रहे।