पुरानी तहसील में आयोजित तहसील दिवस में कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने उन्हें फोन पर जमकर फटकार लगाई। इसके अलावा शिकायत सुनने के दौरान एक रिटायरकर्मी के अनायास बोलने पर गार्ड से उन्हें बाहर ले जाने को कहा।
मंगलवार को तहसील दिवस पर सुबह से ही फरियादियों का पहुंचना शुरू हो गया था। फरियादियों ने गेट के बाहर पहले अपना रजिस्ट्रेशन करवाया। इसके बाद 10 बजे तहसील में विभिन्न सरकारी कार्यालयों के अधिकारियों ने पहुंचना शुरू कर दिया था। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह के पहुंचते ही समस्याएं सुननी शुरू की गईं। कुछ लोगों की समस्याएं सुनने के बाद एएसडीएम शहर में किसी अन्य कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने देखा कि मौके पर कोई अन्य जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी नहीं था, इसपर वे भड़क गए। उन्होंने अधिकारियों को फोन कर तहसील दिवस में नहीं पहुंचने के कारण पूछे। साथ ही कारण से संतुष्ट नहीं होने पर फटकार लगाई। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी अधिकारी भविष्य में तहसील दिवस से बिना जानकारी के गायब नहीं होगा। इस बीच नारसन ब्लॉक से एक रिटायर्ड कर्मचारी के कार्यक्रम के बीच में ही मंच पर बैठे अधिकारियों से बात करने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट भड़क उठे। उन्होंने बात करने का कारण पूछा तो कर्मी ने व्यक्तिगत काम की बात करने का हवाला दिया। इसपर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने उन्हें फटकार लगाते हुए गार्ड को बुलाकर उन्हें सभा से बाहर करवाया। इसके बाद उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं। तहसील दिवस में 74 लोग समस्या लेकर पहुंचे। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने अधिकतर शिकायतों का मौके पर ही अधिकारियों के सामने निस्तारण करवा दिया था।
तहसील दिवस में पहुंची 19 शिकायतें
भगवानपुर। भगवानपुर ब्लॉक परिसर में तहसील दिवस पर एसडीएम ब्रिजेश कुमार तिवारी ने ग्रामीणों की समस्या सुनीं। इस दौरान क्षेत्र के ग्राम कुंजा बहादरपुर, मानकमजरा, चुडियाला, चौल्ली शाहबुद्दीनपुर, अकबरपुर कालसो, मोहितपुर, सिकरोढा के ग्रामीण लाखन सिंह, नौशाद अली, सुरेंद्र कुमार, योगेंद्र सिंह, सुरेश कुमार, राकेश कुमार, राशीद अली ने तहसील दिवस में पहुंचकर समस्याएं सुनाईं। इस दौरान पानी की निकासी कराने, कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जा करने, ग्राम पंचायत की भूमि से पेड़ काटने, राशनकार्ड बनवाने और भूमि की पैमाइश कराने समेत 19 शिकायतें तहसील दिवस में पहुंची। इस दौरान तहसीलदार रेखा आर्य, नायाब तहसीलदार जसपाल सिंह राणा, बीडीओ कुसुम डोबरियाल, सचिन कुमार, त्रिभवन सिंह, राकेश कुमार आदि मौजूद थे।