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किसानों में उबाल, चकबंदी दफ्तर में पशु बांधकर तालेबंदी का ऐलान -

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भारतीय किसान यूनियन रोड़ गुट ने पूर्व में हुई वार्ता के तहत मांगें पूरी नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही बैठक कर आगामी 16 दिसंबर से चकबंदी दफ्तरों में तालाबंदी कर पशुओं को बांधे जाने की चेतावनी दी है। इस दौरान नेताओं ने विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर गठित जांच समिति की रिपोर्ट में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई।
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सोमवार को रुड़की के प्रशासनिक भवन पर भाकियू रोड़ के पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पद्म सिंह रोड़ ने कहा कि विगत आठ नवंबर को किसानों ने प्रशासनिक भवन में महापंचायत का आयोजन किया था। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की थी। इस दौरान किसानों ने अवगत कराया था कि चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने कई जगहों पर जीवित किसानों को मृत दिखाकर उनकी जमीनों को दूसरे के नाम कर दिया है। इसके अलावा भूमाफिया से मिलकर कुछ जमीनों को बेच भी दिया गया है। वहीं, किसानों की अच्छी जमीन को दूसरों को देकर उन्हें बंजर जमीन दे दी गई है।
इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने एक जांच कमेटी का गठन किया था, लेकिन अभी तक टीम की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। उन्होंने कहा कि चकबंदी विभाग की मनमानी लगातार बढ़ रही है। जिलाध्यक्ष नाजिम अली ने कहा कि अब चकबंदी विभाग के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। वहीं, जिला उपाध्यक्ष मुबारिक अली ने कहा कि आज किसान का हर स्तर पर उत्पीड़न किया जा रहा है। जिले में घटतौली चरम पर है। इस दौरान 15 दिसंबर तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होने पर 16 दिसंबर को चकबंदी विभाग के दफ्तरों में तालाबंदी कर पशु बांधे जाने का एलान किया गया। बैठक में युवा विंग के जिलाध्यक्ष संजीव कुशवाहा, जावेद अली, रामदास, परवेज प्रधान आदि मौजूद रहे।
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