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हरिद्वार के बाद अब मंगलौर में कुट्टू के आटे के सेवन से बिगड़ी तबीयत

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मंगलौर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कुट्टू का आटा खाने से बीमार हुए लोग। - फोटो : ROORKEE
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हरिद्वार के बाद अब मंगलौर में भी कुट्टू के आटे से बने व्यंजन खाने से एक ही परिवार के छह लोग बीमार हो गए। हालत ज्यादा खराब होने पर पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। डॉक्टरों ने चेकअप के बाद फूड प्वाइजनिंग का मामला बताया। सूचना पर पहुंची खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने आटे के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे।
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चैत्र नवरात्र के पहले दिन कुट्टू के आटे के व्यंजन खाने से हरिद्वार शहर और आसपास देहात क्षेत्र के सौ से अधिक लोग बीमार हो गए थे। इसके दो दिन बाद ही मंगलौर में भी एक ही परिवार के छह लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। मंगलौर निवासी देवेंद्र कौशिक ने बताया कि उनके परिवार में 10 सदस्य हैं। इसमें से कुछ लोग उपवास नहीं रखते जबकि अधिकतर उपवास रखते हैं। बीते दिन उपवास में खाने के लिए वे बाजार से कुट्टू का आटा खरीदकर लाए थे। रात में परिवार ने कुट्टू के आटे से बनी पकौड़ी और पूड़ी आदि खाई। खाना खाकर सोने के कुछ देर बाद ही परिवार के एक सदस्य की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसे उल्टी-दस्त होने लगे। जब तक वे कुछ समझ पाते परिवार के अन्य सदस्यों की भी एक के बाद एक तबीयत खराब होने लगी। स्वयं उनकी भी तबीयत खराब हो गई। ऐसा करके परिवार के छह लोगों की तबीयत खराब हो गई। इसमें पांच लोगों की ज्यादा तबीयत खराब होने पर उन्हें आनन-फानन में रुड़की के पास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। मामले की जानकारी मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल जाकर परिवार के बीमार सदस्यों की जानकारी ली। साथ ही परिवार ने जहां से कुट्टू का आटा खरीदा था वहां पहुंचकर आटे के सैंपल लिए और उन्हें जांच के लिए लैब भिजवा दिया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कुट्टू के आटे की ब्रिकी पर रोक लगा दी गई है। साथ ही उपभोक्ताओं से भी आटा खरीदने से पहले सावधानी बरतने की अपील की है।
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