मेरठ में हुई मौलाना की गिरफ्तारी के विरोध में रुड़की तहसील में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के माध्यम से प?
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रुड़की। मेरठ में मौलाना कलीमुद्दीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी के विरोध में मुस्लिम समाज के धर्मगुरु एवं मौलानाओं ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर उनकी रिहाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर जल्द रिहाई नहीं हुई तो सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे।
शनिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह को प्रधानमंत्री के नाम से जमीयत उलेमा ए उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि मेरठ में एटीएस की ओर से मौलाना कलीमुद्दीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी से मुस्लिम समाज में गहरी नाराजगी है। मौलाना सिद्दीकी एक मुस्लिम धर्मगुरु एवं इस्लामिक स्कॉलर हैं और कानून एवं संविधान में विश्वास रखने वाले इंसान हैं। उनके साथ करोड़ों देशवासियों की आस्था और अकीदत जुड़ी हुई है। बताया कि अगर जल्द मौलाना की रिहाई नहीं की गई तो मुस्लिम समाज के लोगों के साथ देश के अन्य सेकुलर जमात के लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन देने वालों में मौलाना आरिफ, मौलाना अरशद, कारी इरफान, मौलाना नसीम अहमद, कारी इरफान, यूनुस, अरशद, शमशाद, कारी अब्दुल रहमान, डॉ. फैजान, डॉ. फैसल, जुल्फिकार अली, नईम सिद्दीकी और कारी शमीम आदि शामिल रहे।