महापंचायत टालने के लिए संतों से लेकर हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों और कई ग्रामीणों के मोबाइल सर्विलांस पर रहे। सर्विलांस के जरिये पुलिस इनकी लोकेशन ट्रेस करती रही। करीब दो सौ मोबाइलों की लोकेशन पर नजर रखने के लिए पुलिस ने अलग टीम बनाई थी।
भगवानपुर के डाडा जलालपुर में महापंचायत के एलान के बाद से ही क्षेत्र में तनाव जैसे हालात बने थे। सुप्रीम कोर्ट ने महापंचायत को रोकने के आदेश प्रदेश सरकार को दिए थे। इस पर पुलिस प्रशासन महापंचायत को रोकने में जुट गया था। संतों से लेकर गांव के लोगों से महापंचायत न करने अपील की जा रही थी। साथ ही मंगलवार से जलालपुर से लेकर स्वामी दिनेशानंद के टोडा कल्याणपुर गांव में स्थित आश्रम के बाहर पुलिस का पहरा लगा दिया गया था।
बुधवार को सुबह से ही जलालपुर गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। अधिकारी भी सुबह से गांव में डेरा डालकर ग्रामीणों से वार्ता करने लगे थे। वहीं, पुलिस प्रशासन को आशंका थी कि गांव में कई संत, हिंदू संगठन और आसपास के ग्रामीण पहुंच सकते हैं। ऐसे में चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए थे। इसके अलावा कई संतों, हिंदू संगठनों और ग्रामीणों की लोकेशन पर नजर रखने के लिए एक टीम लगाई गई थी। टीम सर्विलांस के जरिये इनकी मोबाइल लोकेशन पर नजर रख रही थी। देर रात तक टीम इनकी लोकेशन ट्रेस करती रही। पुलिस के रडार पर दो सौ से अधिक मोबाइल थे।
टोडा कल्याणपुर में संतों की मौजूदगी से पुलिस के फूले हाथ पांव
रुड़की के समीप टोडा कल्याणपुर गांव स्थित स्वामी दिनेशानंद भारती के श्रीकृष्ण प्रणामी गोशाला आश्रम में बुधवार सुबह काली सेना के राष्ट्रीय संयोजक एवं शांभवी धाम भूपतवाला हरिद्वार के स्वामी आनंद स्वरूप के पहुंचने से पुलिस के हाथ पांव फूल गए। गांव और आश्रम के बाहर के पुलिस तैनात कर दी गई। बाद में पुलिस चार संतों को हिरासत में लेकर हरिद्वार की ओर रवाना हो गई। बताया गया है कि सभी संतों को हरिद्वार में ही नजरबंद रखा गया है। वहीं दूसरी ओर मंगलवार को हिरासत में लिए गए स्वामी दिनेशानंद भारती व अन्यों को भगवानपुर थाने में नजरबंद रखा गया।
पुलिस को आशंका थी कि कहीं अन्य किसी जगह पंचायत न कर दी जाए। सूत्रों की मानें तो संतों की ओर से कोशिश की जा रही थी कि भले ही सांकेतिक रूप से सही, लेकिन कहीं न कहीं पंचायत का आयोजन किया जाए। शायद इसी कोशिश में स्वामी आनंद स्वरूप आर्य श्रीकृष्ण प्रणामी गोशाला भी पहुंचे। लेकिन पुलिस को इसकी भनक लग गई। यहां पहुंचे सीओ विवेक कुमार ने स्वामी आनंद स्वरूप से किसी प्रकार की बैठक नहीं करने का आग्रह किया। बाद में स्वामी आनंद स्वरूप, आत्मानंद महाराज, परमानंद महाराज और सर्वप्रिया विहार कनखल हरिद्वार निवासी गिरीश चंद्र मिश्रा को सुबह करीब साढ़े नौ बजे हिरासत में ले लिया गया।