इस बार मार्च में ही गर्मी ने पसीने छुड़ाने शुरू कर दिए हैं। मौसम के रंग देखकर माना जा रहा है कि आने वाले दिन और मुश्किल भरे हो सकते हैं। फिलहाल अधिकतम पारे का ट्रेंड पिछले साल के लगभग बराबर है। पिछले करीब दस दिनों में अधिकतम तापमान में करीब छह डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है।
बढ़ती गर्मी ने लोगों को बेचैन करना शुरू कर दिया है। पिछले कई दिनों से बढ़ रही तपिश के चलते लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों के एसी चलाने शुरू कर दिए हैं। दिन में ही नहीं बल्कि रात में भी एसी का प्रयोग होने लगा है। जिस तरह से गरमी बढ़ रही है उससे अप्रैल में तापमान और अधिक बढ़ने की संभावना है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, पिछले दस वर्षों में मौसम चक्र में परिवर्तन हो रहा है। आईआईटी रुड़की के मौसम केंद्र के तकनीकी अधिकारी डॉ. अरविंद श्रीवास्तव का कहना है कि पिछले दस वर्षों में गर्मी और सर्दी के चक्र में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। हालांकि एक साल पहले और इस बार के मौसम में अभी बहुत ज्यादा अंतर देखने को नहीं मिल रहा है लेकिन इस बात की संभावना है कि अप्रैल में तापमान में अपेक्षाकृत ज्यादा वृद्धि होगी। वहीं, पिछले दस दिनों के तापमान पर गौर करें तो 12 मार्च को अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री था। 21 मार्च को अधिकतम तापमान बढ़कर 35.1 डिग्री पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान में भी साढ़े चार डिग्री की वृद्धि हुई है। इसके चलते अचानक गर्मी बढ़ने से मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं।
तापमान डिग्री सेल्सियस में
तारीख - अधिकतम - न्यूनतम
21 मार्च - 35.1 - 19.5
20 मार्च - 35.0 - 20.0
19 मार्च - 35.0 - 21.5
17 मार्च - 33.0 - 21.0
16 मार्च - 33.0 - 19.0
15 मार्च - 32.1 - 18.0
14 मार्च - 32.0 - 15.0
13 मार्च - 30.0 - 16.0
12 मार्च - 29.0 - 15.0