रुड़की सिविल अस्पताल में निरीक्षण करती कायाकल्प की टीम।
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सिविल अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची राज्य की कायाकल्प टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान वार्ड के बेड के पेंट और शौचालय की सफाई व्यवस्था में खामियां नजर आईं। टीम ने इन खामियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए।
केंद्र सरकार की कायाकल्प योजना के तहत देशभर के अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण किया जाता है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं प्रदान करने वाले अस्पताल को केंद्र सरकार पुरस्कृत करती है। सिविल अस्पताल कायाकल्प योजना के तहत पहले भी दो बार प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त कर चुका है। इसके लिए अस्पताल को 15-15 लाख रुपये मिले थे। इस बार फिर से सिविल अस्पताल ने कायाकल्प योजना में प्रतिभाग करने के लिए आवेदन किया था। सोमवार को देहरादून से कायाकल्प की टीम क्वालिटी मैनेजर आरती शर्मा के नेतृत्व में सिविल अस्पताल पहुंची। टीम में कोरोनेशन अस्पताल के डॉ. महेश खेतान और डॉ. रितू खेतान शामिल थीं। टीम ने पहले मरीजों को मिल रहीं सुविधाओं का जायजा लिया।
वहीं, ओपीडी, वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, भोजन व्यवस्था, लेबर रूम, ट्रॉमा सेंटर, पैथोलॉजी लैब, आईसीयू वार्ड, ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, शौचालय, परिसर की सफाई आदि व्यवस्थाएं देखीं। इसके बाद टीम ने वार्ड में भर्ती मरीजों से अस्पताल में मिल रहीं सुविधाओं की जानकारी ली। हालांकि, मरीजों ने अस्पताल की सुविधाओं पर संतोष जताया। इस दौरान वार्ड में बेड पर पेंट नहीं होने और शौचालयों की सफाई ठीक नहीं होने पर इसे दुरुस्त करने के निर्देश दिए। क्वालिटी मैनेजर आरती शर्मा ने बताया कि अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक मिली हैं। कुछ खामियां नजर आई थीं, उन्हें अस्पताल प्रबंधन को बता दिया गया है। इस मौके पर अस्पताल के मैनेजर अंकित राणा व अन्य स्टाफ के सदस्य मौजूद रहे।