फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंडी शुल्क घटाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

विज्ञापन
मंगलौर में मंडी शुल्क हटाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे गुड व्यापारी। - फोटो : ROORKEE
विज्ञापन
मंडी शुल्क बढ़ाने के विरोध में मंगलौर गुड़ मंडी के व्यापारियों ने गुड़ का कारोबार ठप कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। व्यापारियों का कहना है कि जब तक प्रदेश सरकार मंडी शुल्क नहीं घटाती, हड़ताल जारी रहेगी। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि जल्द मंडी शुल्क नहीं घटाया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन

बुधवार को कृषि उत्पादन मंडी समिति के गुड़ व्यापारियों ने मंडी सचिव को ज्ञापन सौंपकर सरकार से गुड़ पर लगे दो फीसदी मंडी शुल्क को घटाकर एक फीसदी करने की मांग की थी। शुल्क बढ़ाने के विरोध में बृहस्पतिवार को गुड़ व्यापारी मंगलौर कृषि उत्पादन मंडी समिति में एकत्रित हुए और अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। व्यापारी पुनीत पाहुजा ने कहा कि सरकार ने गुड़ व्यापारियों को कुचलने के लिए मंडी शुल्क बढ़ाकर दो फीसदी कर दिया है। इसके चलते व्यापारी गुड़ की खरीद नहीं कर पा रहे हैं। मंगलौर क्षेत्र के करीब 600 गुड़ व्यापारियों के परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी भाजपा की सरकार है, लेकिन वहां बहुत कम मंडी शुल्क है। उत्तराखंड में भाजपा व्यापारियों को दबाने का काम कर रही है।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष जुगमिंदर सिंघल ने कहा कि मंगलौर के व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया है। जब तक प्रदेश सरकार उनकी मांग पर विचार नहीं करती, हड़ताल जारी रहेगी। सरकार ने शीघ्र मांग नहीं मानी तो वह उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। हड़ताल के कारण मंडी में गुड़ लेकर पहुंचने वाले कोल्हू स्वामियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनको गुड़ अन्य मंडियों में ले जाकर बेचने को मजबूर होना पड़ा। मौके पर महेंद्र बंसल, रजनीश अरोड़ा, सुधीर बंसल, पुनीत पाहुजा, दिलशाद अंसारी, संजय कुमार, विवेक भाटिया, सचिन मदान और मुकर्रम अली समेत अन्य व्यापारी शामिल रहे।
विज्ञापन

मंडी शुल्क स्थगित करने की मांग
व्यापारी महेंद्र काला और अन्य व्यापारियों ने देहरादून पहुंचकर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात की। साथ ही मंडी शुल्क के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। इस दौरान मंडी शुल्क मार्च 2022 तक स्थगित करने पर चर्चा हुई। व्यापारियों ने पुराने मंडी लाइसेंस को रिन्यू करने की मांग की। कृषि मंत्री ने व्यापारियों की समस्याओं का सरलीकरण करने का आश्वासन दिया। इस दौरान दिनेश अग्रवाल, सौरभ सिंघल, अनिरुद्ध गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें