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बॉर्डर पर भीड़ दिखे तो आगे बढ़ जाएं श्रद्धालु

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चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों की नारसन बॉर्डर पर ग्रीन कार्ड बनवाने के लिए भीड़ बढ़ने लगी है। ऐसा होने पर यात्री रुड़की एआरटीओ कार्यालय में पहुंचकर भी वाहन का ग्रीन कार्ड बनवा सकते हैं। बॉर्डर पर दूसरे दिन 47 वाहनों के ग्रीन कार्ड जारी किए गए जबकि छह यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है।
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दो साल कोरोना के बीच चारधाम यात्रा में दूसरे प्रदेशों के यात्री शामिल नहीं हो पाए थे। इस बार कोरोना का कहर कम होने के चलते चारधाम यात्रा में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए प्रशासन पूरी तैयारी में जुट गया है। प्रदेश के नारसन बॉर्डर पर चारधाम यात्रा के लिए वाहनों के ग्रीन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दो दिन पहले बॉर्डर पर वाहनों के ग्रीन कार्ड और यात्रियों के रजिस्ट्रेशन करने का काम शुरू कर दिया गया था। दूसरे दिन बुधवार को भी बॉर्डर पर वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाए गए। एआरटीओ एल्विन रॉक्सी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए बॉर्डर पर ग्रीन कार्ड जारी करने और यात्रियों का रजिस्ट्रेशन करने का काम शुरू किया गया है। एक ग्रीन कार्ड बनाने में अधिकतम 15 मिनट का समय लगता है। इसके बाद यात्री ग्रीनकार्ड की हार्ड कॉफी किसी भी जगह से प्रिंट निकलवा सकता है। किन्हीं कारणों से यात्रियों की बॉर्डर पर अधिक भीड़ हो जाए तो, उन्हें वहां लाइन में लगने की जरूरत नहीं है। वह सीधे हरिद्वार रोड स्थित एआरटीओ कार्यालय में पहुंचकर भी ग्रीन कार्ड जारी करवा सकते हैं। इसके बाद हरिद्वार और ऋषिकेश में भी कार्ड बनाए जा रहे हैं।
फोन पर बनाने पड़े ग्रीनकार्ड
बुधवार को नारसन बॉर्डर पर दोपहर को अचानक बिजली गुल हो गई। बिजली गुल होने से ग्रीनकार्ड बना रहे परिवहन निगम के कर्मचारियों के कंप्यूटर जवाब दे गए और लाइनें लगनी शुरू हो गईं। ऐसे में कर्मचारियों को फोन पर ही यात्रियों के ग्रीनकार्ड बनाने पड़े। हालांकि जहां कंप्यूटर पर ग्रीनकार्ड 15 मिनट में बन रहा था, वहीं फोन पर कार्ड बनाने में 20 से अधिक मिनट लगा। बाद में बिजली आने पर ग्रीनकार्ड बनाने का काम दोबारा सुचारु हुआ।
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जहां टिनशेड है, वहां नहीं लगाया काउंटर
परिवहन निगम की ओर से नारसन बॉर्डर पर ग्रीन कार्ड बनाने के लिए काउंटर बनाया गया है। निगम ने ये काउंटर ऐसी जगह लगाया जहां पर टिनशेड नहीं है। ऐसे में यात्रियों को ग्रीन कार्ड बनवाने के लिए चटक धूप में खड़ा होना पड़ा। ऐसा नहीं है कि बॉर्डर पर टिनशेड की व्यवस्था नहीं है लेकिन परिवहन निगम ने जहां पर टिनशेड की व्यवस्था है वहां पर काउंटर नहीं लगाया।
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