भगवानपुर में एसडीएम को ज्ञापन देते भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता।
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बहादरपुर खादर सहकारी समिति पर अधिक नमी बताकर धान खरीदने से मना करने पर गुस्साए किसानों ने परिसर में बोरे खाली कर धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही उत्तराखंड किसान मोर्चा के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और धान की खरीद को लेकर हंगामा करने लगे। कुछ देर बाद नायब तहसीलदार पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और केंद्र प्रभारी के साथ किसानों को मनाने में जुट गए।
ऐथल बुजुर्ग सहकारी समिति का बहादरपुर खादर गांव में कार्यालय है। यहां तहसील प्रशासन ने धान खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्र खोला है। बुधवार को ऐथल के किसान गुरदीप सिंह ट्रैक्टर-ट्रॉली में धान लेकर केंद्र पर बेचने पहुंचे थे। केंद्र प्रभारी शुभम ने जांच की तो धान में 19 फीसदी नमी पाई गई। केंद्र प्रभारी ने 17 फीसदी से अधिक नमी होने पर धान खरीदने से मना कर दिया। इससे गुस्साए किसानों ने अपने धान के बोरे केंद्र परिसर में खाली कर दिए और हंगामा करने लगे। सूचना पर नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर फेडरेशन (एनसीसीएफ) के जिला प्रभारी सुमित कुमार और वरिष्ठ विपणन निरीक्षक गुलाब सिंह रावत भी समिति पर पहुंचे और किसानों से बात की, लेकिन किसान केंद्र पर ही धान बेचने की बात पर अड़े रहे।
मामले की जानकारी मिली तो उत्तराखंड किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष चौधरी महकार सिंह व लक्सर तहसील अध्यक्ष सतवीर प्रधान भी कार्यकर्ताओं के साथ केंद्र पर पहुंचे और किसानों के समर्थन में धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि केंद्र प्रभारी बहाने बनाकर धान खरीद से मना कर रहे हैं। इस दौरान लक्सर नायब तहसीलदार रमेश चंद्र और कोतवाली के एसएसआई मनोज सिरोला भी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने धान की नमी की जांच कराई। समाचार लिखे जाने तक किसान धरने पर डटे थे और अधिकारी किसानों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। धरने पर सुधीर पंवार, सतविंद्र सिंह, मोनू प्रधान, तेजेंद्र सिंह, पंजाब सिंह, तजविंद्र सिंह, मुन्नू, गुरदीप सिंह, गगनदीप सिंह, गुरमीत सिंह, करनल सिंह किसान उपस्थित रहे।