सिविल अस्पताल में करीब 20 दिन बाद डिजिटल एक्सरे शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। पहले दिन ही 60 लोगों ने डिजिटल एक्सरे करवाए।
सिविल अस्पताल में वैसे तो साधारण मशीन भी है, लेकिन अधिकतर मामलों में डॉक्टर डिजिटल एक्सरे की रिपोर्ट को प्राथमिकता देते हैं। अस्पताल के ट्रामा सेंटर में डिजिटल एक्सरे मशीन लगी हुई थी। विगत 26 अक्तूबर को अचानक मशीन की टेबल खराब हो गई थी। ऐसे में लंबर स्पाइन और रीढ़ की हड्डी आदि के एक्सरे नहीं हो पा रहे थे। इससे इन मरीजों को निजी एक्सरे सेंटर पर जाना पड़ रहा था। आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों के साथ ही अन्य मरीजों को भी आर्थिक परेशानी हो रही थी।
बुधवार को डिजिटल एक्सरे मशीन की टेबल ठीक हो गई। इससे अस्पताल में डिजिटल एक्सरे शुरू हो गए हैं। पहले दिन अस्पताल में डिजिटल एक्सरे करवाने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि बुधवार को मशीन के ठीक होने के बाद एक्सरे शुरू करा दिए गए हैं।
डायलिसिस यूनिट बनाने का काम शुरू
सिविल अस्पताल में डायलिसिस यूनिट लगाए जाने का काम शुरू हो गया है। अस्पताल के ट्रामा सेंटर में बनाए गए वैक्सीनेशन बूथ को वहां से शिफ्ट कर दिया गया है और यहां पर डायलिसिस यूनिट बनाने का काम शुरू हो गया। बता दें कि अस्पताल में डायलिसिस यूनिट बनाए जाने को लेकर को लेकर ढाई साल से प्रयास चल रहा है। एनआरएचम से इसके लिए डायलिसिस मशीनों के स्वीकृत होने की बात भी हुई थी, लेकिन इसके बाद कोविड की पहली लहर आ गई और इसका काम बंद हो गया। इसी बीच पिछले दिनों डायलिसिस यूनिट के लिए निदेशालय की ओर से अस्पताल का सर्वे कराया गया था। इसमें ट्रामा सेंटर में यूनिट लगाए जाने पर निर्णय लिया गया था।
लंबी छुट्टी के बाद लौटे बाल रोग विशेषज्ञ
सिविल अस्पताल में दीपावली के दौरान बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके मिश्रा भी अवकाश पर चले गए थे। ऐसे में अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए पहुंचने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी। बुधवार को डॉ. एके मिश्रा अवकाश खत्म कर लौट आए हैं। पहले दिन उनकी ओपीडी में भीड़ लगी रही।