किसानों का भगवानपुर टोल प्लाजा पर प्रदर्शन
भाकियू अंबावत ने प्रदर्शन कर उठाईं किसानों की समस्याएं
एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन भी दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
भगवानपुर। भगवानपुर कस्बे के टोल प्लाजा पर अपनी मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन अंबावत के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया। साथ ही एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन भी दिया।
भाकियू (अंबावत) के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह सैनी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को भगवानपुर टोल प्लाजा पर एकत्रित होकर अपनी मांगों को लेकर हंगामा और प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि भगवानपुर में खाद्यपूर्ति अधिकारी लोगों के राशन कार्ड नहीं बना रहे हैं। कार्ड नहीं होने पर डीलर निर्धन लोगों को राशन नहीं दे रहे हैं। इससे सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही के कारण योजना का लाभ निर्धन लोगों को नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने डीजल और पेट्रोल के दाम कम किए जाने की मांग की उठाई। कहा कि किसानों को कंट्रोल रेट पर डीजल और पेट्रोल दिया जाए। इसके अलावा दो साल से रुका हुआ किसानों का गन्ने का भुगतान ब्याज सहित वापस किया जाना चाहिए। गन्ने का भाव पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। उत्तराखंड के सभी किसानों का कर्जा माफ किया जाए। पत्रकारों को टोल प्लाजा पर टैक्स फ्री किया जाए। तीनों कृषि कानून अविलंब वापस लिए जाएं। कहा कि चंद्रपुरी बांध टूटने से फसलों को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए किसानों को एक-एक लाख रुपये दिए जाएं। उन्होंने एसडीएम को सीएम को संबोधित मांगपत्र सौंपा। कहा कि यदि उनकी उक्त मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो उन्हें सड़कों पर उतरकर आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस मौके पर किसान मजदूर के जिला अध्यक्ष जसवीर सिंह, अनुज सैनी, संदीप कुमार, जगपाल सिंह, प्रदीप कुमार, संजीव कुमार, ऋषिपाल, धनीराम, रमेश चंद्र, गौरव कुमार और मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने उठाई बिजली सप्लाई शुरू करने की मांग
भगवानपुर। क्षेत्र के ग्राम हसनपुर मदनपुर में 10 दिन से बिजली नहीं होने से किसानों के खेतों में खड़ी धान की फसल सूख गई है। ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से बिजली के तार ठीक कर बिजली सुचारु करने की मांग की है। ग्रामीण नीरज कुमार, लोकेश कुमार, सोपाल, भोपाल, बालेश्वर और राजेश कुमार आदि ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से शिकायत कर बताया कि गांव के किसानों के ट्यूबवेल 10 दिन से बिजली नहीं आने से बंद पड़े हैं। इससे किसानों की धान की तैयार फसल सूखने लगी है। उन्होंने बिजली सप्लाई शुरू करने की मांग की है। संवाद