कोरोना की चौथी लहर की आशंका के बीच सिविल अस्पताल में फिर से कोरोना की जांच शुरू हो गई है। हालांकि स्टाफ की कमी के कारण दो दिन में केवल 11 लोगों के ही सैैंपल लिए जा सके हैं। वहीं अभी केवल रैपिड जांच ही की जा रही है। आरटीपीसीआर जांच शुरू नहीं हो पाई है।
कोरोना के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अब सरकारी अस्पतालों में कोरोना की जांच दोबारा शुरू करने के निर्देश जारी हो गए हैं। मुख्यालय से मिले आदेशों के बाद सिविल अस्पताल में दो दिन पहले कोरोना की जांच शुरू कर दी गई। हालांकि कोरोना जांच में स्टाफ की कमी बाधा बन रही है। गौरतलब है कि पिछले साल कोरोना महामारी के दौरान अस्पतालों में बढ़ते मरीजों को देखते हुए सरकार ने आउटसोर्स से कर्मचारियों को अस्थायी तौर पर नियुक्त किया था। 31 मार्च 2022 को इन कर्मचारियों का समय पूरा हो जाने पर इन्हें हटा दिया गया था। सिविल अस्पताल में भी आउटसोर्स से 20 कर्मचारियों को रखा गया था। इसमें 15 कर्मचारी उपनल और पांच कर्मचारी टीएंडएम कंपनी के माध्यम से रखे गए थे। अब अस्पताल प्रबंधक ने कोरोना जांच शुरू तो कर दी है लेकिन जांच में स्टाफ की कमी साफ दिखाई दे रही है। दो दिन में केवल 11 लोगों के ही सैंपल लिए जा सके हैं। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि अस्पताल में जांच शुरू कर दी गई है। प्रयास किया जा रहा है कि जांच में स्टाफ की कमी बाधा न बने।